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भारत- अमेरिका के रिश्ते को नए पन्ने पर लगाने के लिए, 2+2 बैठक में जानिए किन अहम सदस्यों पर हुई बातचीत


नई दिल्ली. भारत और अमेरिका के रक्षा बलों के क्षेत्र में संबंध और मजबूती के साथ वैश्विक साझेदारी का विस्तार करना, हिंद-प्रशांत में भागीदारी बढ़ाना और महत्वपूर्ण खनिजों और प्रमुख उच्च-प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा देना के लिए शुक्रवार को व्यापक विचार-विमर्श किया.

‘टू सलाह टू’ मंत्रिस्तरीय बातचीत में अमेरिकी एलिज़ाबेथ का नेतृत्व अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन और अमेरिका के रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन ने किया। भारतीय निजीकरण का नेतृत्व विदेश मंत्री एस. जयशंकर और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने किया।

विदेश मंत्रालय की प्रेस कॉन्फ्रेंस में दोनों देशों के बीच हुई बातचीत के बारे में बताया गया. सचिव विनी मोहन क्वात्रा ने कहा, ”अंतरिक्ष में भारत और अमेरिका की साझेदारी का बड़ा हिस्सा है।” नासा और इसरो एक साथ चर्चा कर रहे हैं ताकि इस सहयोग को और बढ़ावा मिल सके।” उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय निगमों पर भी चर्चा हुई है.

क्वात्रा ने कहा, “बांग्लादेश के मुद्दे पर हमने अपना रुख साफ किया कि ये हमारा क्षेत्र नहीं है कि हम उनके घरेलू मामलों पर टिप्पणी करें।” वहां चुनाव का आतंरिक मामला है।” इसके साथ ही उन्होंने साफ किया कि भारत मुक्त और मुक्त हिंद-प्रशांत नीति का समर्थन करता है।

इससे पहले जयशंकर ने टेलीविजन पर प्रसारित अपनी टिप्पणी में कहा था, ‘आज की हमारी बातचीत एको भविष्यमुखी की भागीदारी और एक साझा विचारधारा वाले देशों के प्रधान मंत्री मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति जो बिडेन के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने का अवसर होगी।’ उन्होंने कहा, ‘हम अहम् अवशेष, अन्य अंतरिक्ष क्षेत्र में सहयोग और महत्वपूर्ण खनिज जैसे नए क्षेत्र में सहयोग की खोज कर रहे हैं।’

ब्लिंकन ने अपने बयान में कहा कि दोनों पक्ष ‘क्वाड’ (चतुष्कोणीय सुरक्षा संवाद) के माध्यम से भारत और अमेरिका की साझेदारी को मजबूत करके समृद्ध, सुरक्षित और सुदृढ़ हिंद-प्रशांत को बढ़ावा दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों का ध्यान अंतरराष्ट्रीय एवं शांति सुरक्षा के क्षेत्र में साझेदारी को मजबूत करने और विशेष रूप से नियम-आधारित व्यवस्था को बढ़ावा देने, संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और स्वतंत्रता के सिद्धांतों को बनाए रखने पर केंद्रित है।

सिंह ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच मस्जिद रक्षा एवं सहयोग बढ़ा है। उन्होंने कहा, “रक्षा सहयोग हमारे पैक्स के सबसे महत्वपूर्ण स्तंभों में से एक है।” सिंह ने कहा, “हम अमेरिका के क्षेत्र में क्षमता निर्माण के लिए मिलकर काम करने के लिए उत्सुक हैं।”

अमेरिकी रक्षा मंत्री ऑस्टिन ने कहा कि यह पहले से भी कहीं अधिक महत्वपूर्ण है कि दुनिया के दो सबसे बड़े लोकतांत्रिक देशों के सिद्धांतों को शामिल किया जाए, साझा लक्ष्य हासिल किया जाए और “हमारे लोगों के लिए काम किया जाए।” उन्होंने कहा, “लगातार मजबूत होते हमारे रिश्ते इस साझेदारी के भविष्य और अधिक सुरक्षित दुनिया की दिशा में हमारे साझा प्रयासों को लेकर पूरी उम्मीद जगाते हैं।”

टैग: एंटनी ब्लिंकन, -राजनाथ सिंह, एस जयशंकर



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