उत्तर
दिल्ली-एनसीआर में आज सुबह तेज बारिश हुई।
पिछले कई दिनों से भीषण प्रदूषण की मार से जूझ रहे दिल्ली-एनसीआर के लोगों को भारी राहत मिली है।
दिल्ली-NCR में AQI में भारी गिरावट का अनुमान.
नई दिल्ली. दिल्ली-एनसीआर में मौसम में अचानक बदलाव देखने को मिला और शुक्रवार सुबह झमाझम बारिश हुई। इसके कारण पिछले कई दिनों से भीषण प्रदूषण की मार से दिल्ली-एनसीआर के लोगों को भारी राहत मिली है। दिल्ली-एनसीआर में पिछले कुछ दिनों से एयर क्वालिटी एसएलआर (AQI) लगातार 450 के आसपास बना हुआ था. आज सुबह की बारिश के साथ ही भारी गिरावट का अनुमान लगाया गया। इसका प्रमाण प्रमाणित रूप से साफ तौर पर देखा जा सकता है। दिल्ली-एनसीआर के लोगों की जब सुबह नींद खुली तो उन्हें भी इस मौसम में यकीन नहीं हो रहा था। रेन ने एक तरह का भगवान दे दिया है और बड़े दिनों बाद लोगों ने आज फ्रांक संसार ली।
दिल्ली के अलावा, गुड़गांव, गाजियाबाद और ग्रेटर में गुरुवार और शुक्रवार की रात से ही तेज बारिश हो रही है। जर्नी इंडिया की वेबसाइट के मुताबिक, पिछले कई दिनों के बाद पहली बार 400 के नीचे नॉच दिल्ली का एक्यू आया है। अनुकूल पथ और दिल्ली-नोएडा सीमा पर हल्के से मध्यम गति की बारिश दिखाई दे रही है। दिल्ली में प्रदूषण की स्थिति को कम करने के लिए ‘क्रिम रेन’ के विचार को लागू करने के लिए दिल्ली सरकार की चल रही कोशिशों के बीच दिल्ली-एनसीआर में बारिश हुई है। दिल्ली में वायु प्रदूषण पर दो चरण के पायलट अध्ययन पर दिल्ली सरकार का लगभग 13 करोड़ रुपये का खर्च आया।
पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने गुरुवार को शहर में कृत्रिम वर्षा को लेकर मुख्य सचिव नरेश कुमार को निर्देश दिये। सचिव को निर्देश दिया गया कि वह कानपुर के सहयोग से एक प्रस्ताव तैयार करें और कल सुनवाई से पहले शपथ पत्र के माध्यम से इसे सर्वोच्च न्यायालय में पेश करें। उन्हें 15 नवंबर तक केंद्र और यूपी सरकार की ओर से आवश्यक विवरण के लिए भी निर्देश दिया गया है। पायलट स्टडी का पहला चरण 20-21 नवंबर को ‘क्रिम रेन’ से पहले जा सके। सुप्रीम कोर्ट के इसके प्रभावशाली होने की समीक्षा और आदेश जारी करने के बाद दिल्ली में ऑड-इवान कार राशनिंग योजना लागू होगी। साथ ही 20 नवंबर को लगभग क्लाउड सीडिंग के माध्यम से कृत्रिम वर्षा का उत्पादन करने का प्रयास किया जाएगा।

दिल्ली की वायुवस्तु गुरुवार को ‘गंभीर’ श्रेणी में दर्ज किया गया था। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने एक पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से दिल्ली-एनसीआर को प्रदूषण से राहत मिलने की उम्मीद जताई थी। विशेषता यह है कि एक्यू शून्य से 50 के बीच ‘अच्छा’, 51 से 100 के बीच ‘संतोषजनक’, 101 से 200 के बीच ‘मध्यम’, 201 से 300 के बीच ‘खराब’, 301 से 400 के बीच ‘बहुत खराब’ और 401 से 450 के बीच ‘गंभीर’ माना जाता है। एक्यूआई के 450 से ऊपर जाने पर इसे ‘अति गंभीर’ श्रेणी में माना जाता है। दिल्ली- मैडम में कई दिनों से एक्यू 450 से ऊपर ही बना हुआ था।
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पहले प्रकाशित : 10 नवंबर, 2023, 07:45 IST
