रूपांशु चौधरी/हजारीबाग: आने के साथ ही मिठाइयों की डिजायनिंग बढ़ जाती है। आम तौर पर लोग रिश्तेदारों को मिठाई में भगवान बनाते हैं। ऐसे में लोधी के नाव में बहुत सारा क्रेज़ रहता है। यह निर्मित के बीच में निर्मित मसाला का काम करता है। प्रभु के गणपति स्वीट्स अपने खास तरह के लोध के लिए जाना जाता है। कोलकाता में गणपति स्वीट्स के कारीगर लोध बनाने के लिए आए हैं।
लीडर राज कुमार गुप्ता एक शेयरधारक हैं। दुकान में 150 से अधिक वैरायटी की मिठाइयाँ उपलब्ध हैं। ज्यादातर लोग महीन दाने वाले लोध खाना पसंद करते हैं, ये सभी बनाने के लिए पश्चिम बंगाल से आए हुए कलाकारी के काम पर लगे हुए हैं। महीन दाने में दो प्रकार के लोध हैं। पहला रिफाइन लोध 160 रुपये किलो और यहां का शुद्ध घी के लोध की कीमत 300 रुपये किलो है।
75 साल से बादशाहत लिबरल
रामनरेश प्रिंस गुप्ता ने अपने दादाजी की दुकान को 1951 में शुरू किया था, तब से यह दुकान मालिक के ध्वज चौक के निकट स्थापित की गई है। यहां पर रांची, गिरिडीह, गिरिडीह, कोडरमा, रेस्तरां आदि में कई शटरस्टॉक से लोग मिठाई लेने आते हैं, जो स्वाद आज से 75 साल पहले मिला था, वही स्वाद अब भी बरकरार है।
1500 किलों का अनुमान
प्रिंस गुप्ता का कहना है कि पिछले साल हम लोगों ने लगभग 1000 कि.वा. लोध की बिक्री की थी, लेकिन इस वर्ष अनुमान है कि लगभग 1500 से 1600 कि.वा. लोध की बिक्री होगी। जिसके लिए 5 दिन से मिठाई बनाने का काम शुरू हो गया है।
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पहले प्रकाशित : 11 नवंबर, 2023, 15:43 IST
