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क्या आप भी हो रहे हैं एआई के गलत इस्तेमाल का शिकार? तो ऐसे करें कंप्लेंट…टुरेंट होगी मदद


आशीष कुमार/पश्चिम चंपारण. आर्टिफिशियल फिजियोलॉजी के जिस गलत तरीके से इस्तेमाल के बारे में लोगों को बताया जा रहा था, उसके परिणाम अब सामने आ रहे हैं। सोशल मीडिया पर तरह-तरह के मामले सामने आ रहे हैं, जहां एआई का इस्तेमाल कर किसी की भी तस्वीर और वीडियो को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है।

हाल ही में साउथ फिल्म इंडस्ट्री की मशहूर अभिनेत्री रश्मिका मंडाना के चेहरे पर एआई द्वारा गलत तरीके से इस्तेमाल किए जाने का मामला सामने आया है। ऐसे में आज हम आपको उसके समाधान पर कंसिस्टेंट के ऐसा होने के खिलाफ क्या कहते हैं और ऐसा करने वाले के खिलाफ कौन सी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

तुरंत लें इस साइट की मदद

सोशल मीडिया पर ऐसे कई मामले चल रहे हैं, जिनमें एआई के गलत इस्तेमाल का प्रमाण दिया गया है। इसमें डीपफेक वीडियो, मॉर्फ वीडियो और बच्चों के अश्लील वीडियो तक शामिल हैं। तकनीकी विशेषज्ञ पुरुषार्थ स्वामी कर्मचारी हैं कि यदि किसी विशिष्ट अल के गलत इस्तेमाल का शिकार हो जाता है, तो उसे निराश होने के साथ, कुछ काम करना चाहिए।

सबसे पहले सोशल मीडिया से अपने अपलोड किए गए वीडियो या फोटो को निकालकर की पूरी कर लेनी चाहिए। इसके लिए आपको stopNCII.org पर जाना होगा। वहां ग्राहक अपना केस क्रिएट करने के लिए अपनी आयु, लिंग और संपादित वायरल वीडियो या फोटो की विशेष जानकारी सहित अन्य जानकारियों को साझा करना चाहेंगे।

इसके बाद अपने क्षेत्र का पिन कोड और अपनी ई-मेल आईडी को साझा कर क्राइटेरिया को पूरा करना होगा। बकौल पुरुषार्थ, इस कलाकार से सोशल मीडिया पर मौजूद आपका संपादित वीडियो या फोटो जल्द ही जल्द ही खत्म कर देगा। बताएं कि इसकी जानकारी आपको मेल के माध्यम से मिलेगी।

कानूनी कार्रवाई का प्रोविजन

इस तरह के मामलों में आईटी एक्ट और आईपीसी की अलग-अलग धाराओं और डेटा रिव्यू के तहत केस हो सकते हैं। साइबर साइंसेज के माने तो, आईटी एक्ट की धारा 67 के तहत अगर इंटरनेट पर किसी भी प्रकार का कोई भी फिल्मी वीडियोजपोस्ट चलाया जाता है, तो व्यक्ति पर कानूनी कार्रवाई करने का प्रस्ताव है।

इस धारा के अंतर्गत तीन साल तक की सज़ा और साख़ का भी प्रावधान है। बड़ी बात यह है कि यह सजा भी दी जा सकती है। इसके अलावा शेयर किए गए वीडियो से जिस शख्स की इमेज खराब हुई है, वह भी मनहानी का केस हो सकता है। अगर इस तरह के किसी अपराध का शिकार हो जाए, तो साइबर क्राइम से संबंधित थाने से संपर्क कर सकते हैं।

टैग: कृत्रिम होशियारी



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