अर्थशास्त्र सेजू/बाडमेर। किसी भी त्योहार या खास मसाले पर कराची का हलवा काफी पसंद किया जाता है। कराची हलवे को बॉम्बे हलवा भी कहा जाता है। देखने में यह हलवा कम बर्फ़ीला लगता है। अभी तक आपने बाजार से खरीद कर तो कराची का हलवा बहुत बार खरीदा होगा, लेकिन आप कच्चा तो इसे घर पर भी बना सकते हैं। जानिए कराची के हलवे की रेसिपी के मुकेश कुमार खत्री से।
देश के अलग-अलग देशों के अलग-अलग व्यंजन प्रतिष्ठित हैं। उन्ही में से एक है कराची का हलवा. जी हां यह पाकिस्तान नहीं बल्कि सुपरमार्केट में लोकप्रिय रूप से बनाया जाता है। कराची हलवे को बनाने में करीब 3 से 4 घंटे का समय लगता है। एक बार में 5 से 6 किलो हलवा आसानी से बन जाता है. कराची का हलवा केसरिया और हरे रंग का अपना-अपना स्थान पाया जाता है।
हलवाई मुकेश कुमार खत्री कहते हैं कि कराची हलवे की सबसे बड़ी जगह है जो करीब 6 महीने तक खराब नहीं होती है। इसे बनाने के लिए सबसे पहले जेनहू को 8 दिन अलग-अलग पानी में अकेलेकर रखा जाता है, फिर उसे सुखाकर पीसा जाता है। इससे बनने वाली सफेद क्रीम को निशास्ता कहा जाता है।
निशास्ता, घी, शकर, काजू, बादाम, पिस्ता, तिजारा को मिलाकर सबसे बड़ा कराची हलवा बनता है। उन्होंने लिखा है कि सबसे पहले लसलासा में काजू, बादाम, पिस्ता पर काम शुरू होता है। फिर करीब 10 मिनट तक पकाने के बाद इसे ठंडा करने के लिए छोड़ दिया जाता है।
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इसके बाद इसे छोटी-छोटी छोटी-छोटी टॉक्सिटों द्वारा उपयोग में लिया जाता है। मुकेश थ्री तरह के कराची हलवे बिकते हैं, जिसमें पिस्ता वाला 1100 किलो किलों, डॉक्युमेंट वाला 650 किलों किक और कम डॉयचे वाला कराची हलवा 450 किलों में बिकता है।
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पहले प्रकाशित : 13 नवंबर, 2023, 06:39 IST
