नई दिल्ली। अयोध्या में भगवान श्री राम के भव्य मंदिर का उद्घाटन अगले साल 22 जनवरी को होने जा रहा है। इसे लेकर बड़े पैमाने पर स्टाफ की जा रही हैं। हिंदू परिषद की ओर से मंदिर उद्घाटन के कार्यक्रम के संदर्भ में विस्तृत जानकारी दी गई। बताया गया कि इस कार्यक्रम के लिए 10 करोड़ लोगों ने सुझाव भेजे हैं। 22 जनवरी को अयोध्या में भगवान अपने जन्मस्थान के बने गर्भ गृह में स्थापित होंगे। जो प्रतिमाएं वहां मौजूद हैं वो 5 साल के राम लला की जगह हैं। उद्घाटन समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और संघ प्रमुख मोहन भागवत भी मौजूद रहे।
वीएचपी का कहना है कि कार्यक्रम में हिंदू समाज का प्रतिनिधित्व करने वाले 4 हजार संत शामिल होंगे। 6000 की संख्या में कला एवं अन्य क्षेत्रों का नेतृत्व करने वाले लोगों को बुलाया गया है। वीएचपी के वर्किंग प्रेसिडेंट आलोक कुमार ने कहा, ‘दोबारा से सब गांव में सब घर में विज्ञापन दे दिया गया। रामलला की आरती में पूजित अक्षत और हल्दी हर घर में। भगवान का भी चित्र देंगे. राम जी 14 साल बाद पुराने थे तो हम दीवाली चाहते हैं। राम 500 साल बाद लौटेंगे तो ये और भव्य होंगे। अपवित्र के मंदिर में सभी कार्यक्रम देखने के लिए आइए। 5 लाख से अधिक पिरामिड में इसकी व्यवस्था होगी. 10 करोड़ घर में बने दस्तावेज। 2 लाख गांव में जाएंगे।’
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वृत्तचित्र में भी घटना
आलोक कुमार ने कहा, ‘जब अयोध्या में आरती होगी तब पूजा में सभी आरती शामिल होंगी. जर्मनी में साढ़े तीन घंटे का समय सुरक्षित रहेगा। अमेरिका के लोगों ने सोचा तो वहां समय का अंतर 12 घंटे का होगा। इसलिए आरती के समय सारा समाज मंदिर आया। रेलवे से भी ‘स्पेशल ट्रेन डेस्टिनेशन’ जो कि अयोध्या अयोध्या जाता है।’

2019 में सुप्रीम कोर्ट का फैसला आया
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने 2019 में राम मंदिर-बाबरी मस्जिद विवाद पर हिंदू समाज के पक्ष में फैसला सुनाया था। फैसले के बाद अयोध्या में राम मंदिर बनने का रास्ता साफ हो गया। कुछ समुद्र तटों से मंदिर के निर्माण का काम अयोध्या में जारी है। अगले साल 22 जनवरी को मंदिर का एक हिसासे को शिष्य के लिए खोला जा रहा है।
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पहले प्रकाशित : 13 नवंबर, 2023, 20:45 IST
