उत्तरकाशी. यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर सिलक्यारा-डंडागांव गंगनहर के एक हिस्से के ढहने से पिछले दो दिनों से उनके विशाल 40 राक्षसों को बाहरी प्रवाह के लिए राहत की लहर ने मंगलवार को बड़े व्यास के ‘मायल्ड स्टील’ पाइप की खुदाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है। बचाव एवं राहत कार्य की देखरेख कर रहे उत्तरकाशी के फ्रंटियर अभिषेक रुहेला ने बताया कि आगर मशीन और 900 मिमी व्यास के पाइप सुबह ही पहुंच गए थे और गंग में ‘ड्रिलिंग’ (खुदाई) शुरू कर दी गई है।
तकनीकी विशेषज्ञ के सलाहकार से उन्होंने कहा, ‘अगर सभी कुछ योजना के अनुसार चलेंगे तो रविवार तक सभी कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाला जाएगा।’ ‘ड्रिलिंग’ के लिए अगर मशीन की स्थापना की जाए तो ब्लॉकचेन बनाने में लगभग पूरा दिन लग गया। अधिकारियों ने कहा कि अब वडोदरा के आरपार पाइप लाइन की प्रक्रिया शुरू होगी। पाइपलाइन की प्रक्रिया शुरू करने के लिए तकनीकी विशेषज्ञ और तकनीशियनों की टीम के कार्यकर्ता अवाज उत्तराखंड प्राइज कॉर्पोरेशन के महाप्रबंधक टेस्टिंग और बोरिंग के विशेषज्ञ दीपक अमीर कर रहे हैं।
रविवार तक सभी रोमानियाई कोकुशल को बाहर निकाला जाएगा
उन्होंने बताया कि योजना के अनुसार, प्लास्टर ‘ड्रिलिंग’ के माध्यम से पाइप के माध्यम से ‘एस्केप ऑरेंज’ का निर्माण किया जाएगा, जिसके अनुसार माउंट आउट को आउट किया जाएगा। आपदा सचिव प्रबंधन रंजीत कुमार सिन्हा ने पहले कहा था कि मंगलवार की रात या रविवार तक सभी आपदाओं को सकुशल से बाहर कर दिया जाएगा। उधर, रेलवे में तीन अन्य श्रमिक सुरक्षित निकाले जा रहे हैं जिनमें पाइप के माध्यम से कॉन्स्टेंट ऑक्सीजन, पानी, उपभोक्ता मेवे सहित अन्य खाद्य सामग्री, बिजली, दवा आदि शामिल हैं।
खतरे में सभी 40 श्रमिक सुरक्षित
उत्तरकाशी के पुलिस अधीक्षक अर्पण यदुवंशी ने कहा, ‘अभी तक की अपडेट स्थिति के अनुसार, सागर में सभी 40 श्रमिक सुरक्षित हैं।’ उन्होंने बताया कि एक श्रमिक की उल्टी आने वाली समस्या के बारे में भी बताया गया है। इस बीच इन कलाकारों में से एक गब्बर सिंह नेगी से उनके बेटे आकाश ने बातचीत के जरिए पाइप डाला, जिससे उनके साथ ही अन्य कलाकारों को भी राहत मिली।
‘हम सब सुरक्षित कंपनी हमारे साथ’, पाइप के माध्यम से बेटों से बोला श्रमिक
कोटद्वार के निकट बिशनपुर के रहने वाले नेगी के पुत्र आकाश ने ‘पीटी-भाषा’ को बताया, ‘मुझे कुछ शिष्यों के लिए उस पाइप के माध्यम से अपने पिता से बात करने की अनुमति मिल गई, जिससे सुरंग में ज्वालामुखी को ऑक्सीजन की प्राप्ति होती जा रही है। ‘ यह पूछे जाने पर कि उनके पिता ने उनसे क्या बातचीत की थी, आकाश ने कहा, ‘उन्होंने बताया कि वे सभी सुरक्षित हैं। उन्होंने हमसे कहा कि चिंता मत करो और कहा कि कंपनी उनके साथ है।’ रविवार की सुबह सुरंग के एक हिस्से के ढाने से अन्य सहयोगियों के साथ पिता के फंसने की सूचना आकाश पर अपने चाचा महाराज सिंह नेगी और तीन अन्य लोगों के साथ कोटद्वार से मश पर मिली। भगवान की सलामती के लिए एक स्थानीय पुजारी ने मस्जिद पर पूजा भी की।
वॉर्स्टर पर बचाव एवं राहत अभियान चलाया जा रहा है
चारधाम ‘ऑल वेडर’ सड़क परियोजना के तहत पहलू सुरंग का एक हिस्सा रविवार को खोदा गया था और तब से उसके श्रमिक सामने आए हैं। उन्हें वॉरस्टार पर बचाव एवं राहत अभियान के लिए निकाला जा रहा है। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल, राज्य आपदा प्रतिवादन बल, भारत तिब्बत सीमा पुलिस, सीमा सड़क संगठन के 160 डिज़र्वेशन पार्टी का दल डे नाइट डिफ़ेंक्शन कारीगरी में शामिल है। सुरंग का निर्माण कर रही नवयुगा इंजीनियरिंग कंपनी लिमिटेड के अधिकारी जीएल नाथ ने लोगों से सुरंग के अंदर न जाने और बचाव में बाधा न डालने की अपील की है।
स्थानीय राजनीतिक नेता बार-बार चर्चा में बहुत कर रहे हैं
उन्होंने कहा, ‘केवल उन्हीं लोगों को आश्रम या आरक्षण कार्य में मदद के लिए प्रवेश करना चाहिए। स्थानीय राजनीतिक नेता बार-बार हमसे बात कर रहे हैं। मैं ऐसा न करने की अपील करता हूं। ‘हमारी ‘मोमजाती बनी कलाकारों को जल्द ही सुरक्षित बाहर निकाला जाता है।’ राष्ट्रीय राजमार्ग एवं अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड (एनएच डेटाबेस सीएल) के सार्वजनिक निदेशक कर्नल (सेवानिवृत्त) संदीप देहरा ने बताया कि रिपब्लिक ने ऑरेंज के भीतर उत्सुकता से पाइप के द्वारा स्थापित और उनके भरोसेमंद सहयोगियों के लिए अलग-अलग कलाकृतियाँ बनाईं- रात को काम कर रही हैं. उन्होंने बताया कि इसी तरह का जंगल ऊंचा हुआ है।
सुरंग के पास एक छह ज़मीनों का ख़ारिज तैयार
उत्तरकाशी के मुख्य चिकित्सा अधिकारी आर. उन्होंने बताया कि इसके अलावा 10 क्रिएटर्स के साथ मेडिकल रिकॉर्ड्स में भी क्रिएटर्स को बाहर निकालने के लिए क्रिएटर्स की मदद दी जा सकती है। उत्तराखंड सरकार द्वारा सर्वेक्षण में शामिल किए गए दस्तावेजों की जांच के लिए स्टूडियो समिति ने मंगलवार को अपना काम शुरू कर दिया।

विशेषज्ञ समिति ने सुरंग एवं इसके ऊपर की पहाड़ी का सर्वेक्षण किया
उत्तराखंड रेशम नवकरण एवं प्रबंधन केंद्र के निदेशक डॉ. शांतनु सरकार की कार्यशाला में साझीदार छह शिल्पकार विशेषज्ञ समिति ने सुरग एवं इसके ऊपर की पहाड़ी का सर्वेक्षण किया। मुख्यमंत्री पी. सिंह धामी गंगोत्री और उन्हें आउट फ्लो के लिए जारी कार्रवाई के बारे में अधिकारियों से लगातार जानकारी ले रहे हैं। उन्होंने अपने आवास पर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ इस संबंध में एक बैठक की और उन्हें संस्था पर जिला प्रशासन के अधिकारियों और वहां पर कार्य कर रही संगत से सहयोग बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राहत सामग्री सहित अन्य किसी भी प्रकार की आवश्यकता पर तत्काल सहायता उपलब्ध करायी जाये।
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पहले प्रकाशित : 15 नवंबर, 2023, 24:03 IST
