निखिल कौशिक/सहारनपुर: आम तौर पर खुशियां चमक के लिए लोग मिठाइयां की पेशकश करते हैं। लेकिन बाजार में मिलने वाली मिठाई की गुणवत्ता लोगों के विश्वास पर खरा नहीं उतरती। एक किसान द्वारा जिले में मोती अनाज से मिलेट के बिस्किट किसानों के लिए खेती उपलब्ध कराई गई है। जैविक विधि से तैयार किए गए मिटे अनाज से किसान उत्पाद तैयार करने वाले लोगों के लिए इस पर प्रति समीक्षा करने का काम किया जा रहा है। किसान द्वारा तैयार सभी उत्पादों के मानक पूर्णतः शुद्ध हैं।
किसानों के बारे में जानकारी के बारे में जानकारी दी जा रही है। उन्होंने बताया कि खेत में बनाए गए अनाज से बने अनाज से बने अनाज में गुणवत्ता का ध्यान रखा जाता है, जिसमें उपयुक्त दूध, घी, शकर, पनीर आदि भी शामिल होते हैं। किसान ने बताया कि अनाज से बने अनाज से जुड़े कई उत्पाद व्यक्तिगत रूप से भी स्वस्थ होते हैं।
मीट्स के आठ उत्पाद तैयार
किसान संजय पॉलीन ने बताया कि जैविक विधि से तैयार अनाज से मिलेट्स के आठ तरह के बिस्किट स्टॉल उपलब्ध हैं। संजय साहनी ने बताया कि खेत में उगाई गई जंवार, चौलाई, बाजारा प्याजी, समक आदि फसलों से आठ प्रकार के मिलेट के बिस्किट स्टॉल पर मिल रहे हैं। 250 ग्राम का 150 पनीर से शुरू होता है यह स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद होता है। उन्होंने किट्स के बिस्कुट बनाने के लिए मधुसूदन घी और गुड़ व शुगर का प्रयोग करना सिखाया। इसके अलावा बाजार से मिलने वाला दूध पाउडर या भैंस गाय का शुद्ध दूध भी प्रयोग किया जाता है।
स्वास्थ्य के लिए गुणकारी
संजय सनी ने बताया कि श्रमिक उत्पादों से लोग पूर्णतया स्वस्थ रहना ही हमारा उद्देश्य है। उन्होंने बताया कि बाजार में मिलने वाली अधिकांशतः उत्पाद में मिलावट होती है। संजय साहनी ने बताया कि लोग जहर मुक्त खाने के बर्तनों से दूर रहकर मजदूरिक विधि से तैयार किए गए बर्तनों का अपने घर में उपयोग करें, यही हमारा उद्देश्य है। संजय साहनी ने कहा कि जहां लोगों का स्वास्थ्य उत्तम बना रहेगा, वहीं इससे किसानों के उत्पादन में भी बढ़ोतरी की संभावना है।
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पहले प्रकाशित : 14 नवंबर, 2023, 13:54 IST
