मोहन ढाकले/बुरहानपुर. साबुत स्वास्थ्य के लिए बड़े पैमाने पर होते हैं, ऐसा ही काले बालों का उत्पाद भी है। जो पीलिया रोग रामबाण रोग के लिए है। इस फल के सेवन से पीलिया की बीमारी ख़त्म हो जाती है। महाराष्ट्र में इन गन्ने की खेती सबसे ज्यादा होती है. पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश के बुरहान में महाराष्ट्र से काले स्मारक स्मारकपुर जा रहे हैं। यहां पर मात्र ₹30 में रेस्टोरेन्ट मिल रहा है। बुरहानपुर जिले में एक किराना से अधिक जगह पर एक किराना से अधिक लोग दुकान लगाकर यहां पर काले गोदाम बेच रहे हैं। समस्या करने के लिए लोग भी अपने घाटे पर पहुंच रहे हैं।
जब लोकल 18 की टीम ने काले वृक्षारोपण वाले सोपान से बात की तो उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र में काले वृक्षारोपण की सबसे अधिक खेती होती है। पीलिया की बीमारी के लिए पूजन के साथ-साथ उसकी पूजा भी की जाती है। इसे पीने से पीलिया की बीमारी ख़त्म हो जाती है। इस कच्चे माल में कैल्शियम, आयरन, आयरन, मैग्नीशियम और प्लांटर की मात्रा सबसे अधिक होती है। इसलिए इसे रामबाण उत्पाद भी कहा जाता है।
बीमारी के लिए विकल्प है
जब हमने जिले के सरकारी डॉक्टर से बात की तो उन्होंने बताया कि पीलिया की बीमारी के बारे में भी पता चलता है। इसका कच्चा माल चाहिए और यदि कोई पीलिया रोग से पीड़ित रोगी भी इसका प्रतिदिन सेवन करता है तो उसका रोग भी दूर हो जाएगा।
महाराष्ट्र के काले गन्नो की बुरहानपुर में तोड़फोड़
महाराष्ट्र के काले गन्नो की बुरहानपुर में सबसे ज्यादा बिकती है। महाराष्ट्र के किसान सबसे ज्यादा काले खेती की खेती करना पसंद करते हैं। वहीं से बुरहानपुर और महाराष्ट्र के व्यापारी बुरहानपुर जिले में काले बँटवारे बाजार में बिक रहे हैं। अब लोग भी इसे खरीद कर काले क्वार्टर का उत्पाद पी रहे हैं।
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पहले प्रकाशित : 14 नवंबर, 2023, 10:17 IST
