नई दिल्ली. वाट्सएप (व्हाट्सएप) को अपनी साभार की बहुमूल्य प्रेरणा मिल रही है। ताजा तरीन मामले में रूस की अदालत ने इंस्टेंट टेक्नोलॉजी ऐप कंपनी व्हाट्सएप पर 37,080 मिलियन डॉलर का जुर्माना लगाया है। ये बकाया भारतीय केसी के खाते से करीब 37703.12 मिलियन रुपये के आसपास है। रूस की अदालत ने इस बेहतरीन व्हाट्सएप को कई बार एक्सेस क्वेश्चन को हटाने के बाद इस्तेमाल नहीं किया है। आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला.
यह क्या है असल जजमेंट की वजह
रूस ने यहां अपने एक एक्सट्रीमपंथी संगठन की अकाउंटिंग की सामग्री को व्हाट्सएप से हटाने के लिए कहा था। लेकिन मैसेंजर ऐप व्हाट्सएप ने इस पर कोई एक्शन नहीं लिया। जिसके बाद रूस की अदालत ने व्हाट्सएप पर टैगा पेपैल दिया। इससे पहले बताएं कि व्हाट्सएप की मूल कंपनी मेटा इंक को एक्सेस सामग्री निकालने के लिए कहा गया था। तब भी मेटा ने कोई कार्रवाई नहीं की थी. लेकिन तब रूस ने मेटा के प्रति प्राकृतिक रुख अलग रखा था।
मेटा की ये कंपनी रूस में है बैन
रूस में व्हाट्सएप का यूज धड़ले से होता है। रूस की सरकार ने इस पर कोई प्रतिबंध भी नहीं लगाया. लेकिन रूस की सरकार ने मेटा इंक के अन्य सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म और फेसबुक को यहां प्रतिबंधित कर दिया है। रूसी सरकार ने ठीक इसी तरह से ट्विटर और गूगल की कंपनी अल्फाबेट पर भी जुर्माना लगाया था।
WhatsApp पर सबसे पहले भी लगाया खर्चा
मेटा इंक की इंस्टेंट मैसेजिंग कंपनी व्हाट्सएप पर रूस में पहले भी बकाया चुकाया गया है। इससे पहले व्हाट्सएप पर रूसी डेटा कानून का पालन नहीं करने की वजह से घटिया लगा था। बता दें कि रूस ने व्हाट्सएप को अपने यहां सर्वर पर अपने नागरिकों का डेटा शेयर करने के लिए कहा था। लेकिन व्हाट्सएप ने इस नियम का भी पालन नहीं किया।
विश्विद्यालय पर भी लगाया खर्चा
रूस ने वाइव की पेरेंट कंपनी सोसाइटी फाउंडेशन पर भी बहुत कम खर्च किया है। यूक्रेन के यूक्रेन-रूस युद्ध में यूक्रेन की कम्युनिस्ट पार्टी द्वारा यूक्रेन में गलत सूचना प्रसारित करने का आरोप लगाया गया है। इसके लिए रूस ने कंपनी फाउंडेशन पर तीन मिलियन डॉलर का बजट लगाया है। हालाँकि, मेटा और लैब ने इस क्लासिक पर अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।
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पहले प्रकाशित : 1 जून, 2023, 21:12 IST
