Homeदेश2 दिन बाद दिल्ली की हवा और भी गंभीर स्तर पर तूफान,...

2 दिन बाद दिल्ली की हवा और भी गंभीर स्तर पर तूफान, नहीं मिलेगी जल्द राहत


दिल्ली-एनसीआर वायु प्रदूषण अपडेट: त्योहार के बाद दिल्ली-NCR वायु प्रदूषण की गुणवत्ता में भारी गिरावट दर्ज की गई है। राजधानी क्षेत्र में जोरदार धमाके हुए। अभी हाल ही में, मौसम विभाग ने दिल्ली में मंगलवार को जारी की गई रिपोर्ट में लिखा है कि अलास्का के बीच एयरोस्पेस ‘गंभीर’ श्रेणी के करीब पहुंच गया है और जल्द ही राहत मिलने का कोई खतरा नहीं है।

राष्ट्रीय राजधानी का 24 घंटे का एयरोस्पेस स्कैनर (एक्यूआइ) शाम चार बजे 397 बजे दर्ज किया गया जो सोमवार 358 और रविवार 218 को दर्ज किया गया था। शहर के कई महासागरों में वायु प्रदूषण ‘गंभीर’ श्रेणी (एक्यूआई400 से अधिक) शामिल हैं, जिनमें आईटीओ (427), अटेरक पुरम (422), पंजाबी बाग (423), नेहरू नगर (450) और आनंद विहार (439) शामिल हैं। .

‘अरे मूर्खों के, सरदार किस दुनिया में रहते हो…’; फ़्रांसीसी-इशारों में मोदी का कांग्रेस के बड़े नेताओं पर हमला

रिपोर्ट के मुताबिक, पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में एक्यू 356, ग्रेटर में 364 और हरियाणा के गुरुग्राम में 386 और 384 नंबर पर हैं। यह बेहद ख़राब श्रेणी में आता है. बारिश के कारण मिली राहत के बाद दिल्ली में प्रदूषण के स्तर में वृद्धि दर्ज की गई और प्रतिबंध के कारण रात में लोगों द्वारा की गई गंदगी का दौर फिर लौट आया।

एयरोस्पेसिबिलिटी पर्यवेक्षण में विशेषज्ञता रखने वाली कंपनी ‘आइक्यूएयर’ के अनुसार, मंगलवार को दिल्ली दुनिया का सबसे बड़ा शहर रहा। इसके बाद बांग्लादेश के ढाका, पाकिस्तान के लाहौर और भारत के मुंबई का स्थान रहा, हालांकि कम तापमान के बीच रविवार देर रात तक प्रदूषण के स्तर में बढ़ोतरी हुई।

एक्यू शून्य से 50 के बीच ‘अच्छा’, 51 से 100 के बीच ‘संतोषजनक’, 101 से 200 के बीच ‘मध्यम’, 201 से 300 के बीच ‘खराब’, 301 से 400 के बीच ‘बहुत खराब’ और 401 से 450 इसके बीच ‘गंभीर’ माना जाता है। एक्यूआई के 450 से ऊपर जाने पर इसे ‘अति गंभीर’ श्रेणी में माना जाता है।

दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में वैधानिक निकाय वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) के एक अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘यह बात साफ है कि प्रदूषण के स्तर के बाद ‘वृद्धि के दो प्रमुख कारण हैं- ‘आली जलाना में बिजली और खेत’

युद्ध की विनाशलीला! इंसानों में ही नहीं पर्यावरण पर भी होता है सादृश्य प्रभाव, यह रूप तो देखा ही नहीं होगा

विभिन्न प्रदूषणों के योगदान की पहचान करने के लिए पुणे स्थित भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान द्वारा एक प्रणाली विकसित की गई, जिसके अनुसार, मंगलवार को राजधानी में वायु प्रदूषण में पराली का 12 प्रतिशत हिस्सा था। रविवार को 14 प्रतिशत और गांवों में छह प्रतिशत रहने की संभावना है।

सीबीएसई के आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली में पिछले साल 312, 2021 में 382, ​​2020 में 414, 2019 में 337, 2017 में 319 और 2016 में 431 दर्ज किया गया था। एक दिन बाद शहर का आंकड़ा 2015 में 360, 2016 में 445, 2017 में 403, 2018 में 390, 2019 में 368, 2020 में 435, 2021 में 462 और 2022 में 303 रहा।

2 दिन बाद दिल्ली की हवा और भी गंभीर स्तर पर तूफान, नहीं मिलेगी जल्द राहत

सीएक्यूएम अधिकारी ने कहा कि केंद्र की वायु प्रदूषण नियंत्रण योजना के चौथे चरण के तहत दिल्ली में निर्माण कार्य और प्रदूषण फैलाने वाले ट्रकों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है, जिसमें उठाये गए कठोर कदम अगले आदेश तक लागू होंगे। अधिकारी ने कहा, ‘पराली बस्ती की घटनाएं फिर से तेजी से बढ़ रही हैं और मौसमी अवसंरचना (प्रदूषकों के फैलाव के लिए) अनुकूल नहीं हैं। हम स्थिति की समीक्षा करेंगे और उसके अनुसार ही कार्य करेंगे।’

टैग: दिल्ली वायु प्रदूषण, दिल्ली-एनसीआर समाचार, दिल्ली-एनसीआर प्रदूषण



Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Must Read

spot_img