नई दिल्ली. उत्तराखंड में चार धाम राजमार्ग परियोजना पर एक डेल्टा सुरंग (उत्तरकाशी सुरंग दुर्घटना) का एक हिसासा ढहने से 12 नवंबर को उनके स्मारक में आउट स्ट्रेंथ के बचाव मिशन में अब भारतीय रेलवे भी शामिल हो गया है। सभी कलाकृतियों को सुरक्षित निकालने के लिए ‘ए स्केप ऑरेंज’ पाइप से ‘ए स्केप ऑरेंज’ बनाने की खुदाई शुरू हो गई है। इसके लिए दिल्ली से लॉन्च किया गया C-130 J सुपर हरक्यूलिस नामक उपकरण भेजा गया है।
जानकारी में बताया गया है कि हैवी भरकम सोसायटी (कुल 7 टन वजन के उपकरण को) कैटरीना साइट के करीब मां गंगा एयरपोर्ट पर बुधवार को पहुंचाया गया है। जबकि दूसरा एयरक्राफ्ट 12 टन क्रिटिकल उपकरण दिल्ली लेकर रवाना हुआ। आपदा प्रबंधन सचिव रंजीत कुमार सिन्हा ने कहा कि रविवार तक सभी को सकुशल से बाहर कर दिया जाएगा। उधर, रेलवे में तीन अन्य श्रमिक सुरक्षित निकाले जा रहे हैं जिनमें पाइप के माध्यम से कॉन्स्टैंट ऑक्सीजन, पानी, ग्लूकोज मेवे सहित अन्य खाद्य सामग्री, बिजली, शेष आदि शामिल हैं।
खतरे में सभी 40 श्रमिक सुरक्षित
उत्तरकाशी के पुलिस अधीक्षक अर्पण यदुवंशी ने कहा, ‘अब तक की अपडेट स्थिति के अनुसार सभी 40 श्रमिक सुरक्षित हैं। उन्होंने बताया कि एक श्रमिक को उल्टी आने की समस्या है इसलिए उन तक का ग्रेडेशन भी दिया गया है। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल, राज्य आपदा प्रतिवादन बल, भारत तिब्बत सीमा पुलिस, सीमा सड़क संगठन के 160 डिज़र्वेशन पार्टी का दल डे नाइट डिफ़ेंक्शन कारीगरी में शामिल है।

नए लॉन्च के लिए लॉन्च किए गए उपकरणों की तत्काल आवश्यकता थी
जानकारी में कहा गया है कि उत्तराखंड के धरासू के पास चल रही परियोजना पर रंगेरे के एक हिसासे के डूबने के कारण नारियल के निर्माण के लिए स्टार्टअप उपकरणों की अनिवार्य आवश्यकता थी। इसी दृष्टि से भारतीय उपग्रह ने अपने सी-130 जे विमान का उपयोग करते हुए, अब लगभग सात टन वजन वाले टेस्टिंग उपकरणों को साइट के पास मां गंगा हवाई अड्डे पर उपलब्ध कराया है। इसके अलावा करीब बारह टन का एक और महत्वपूर्ण उपकरण ले जाने वाला एक अन्य विमान भी दिल्ली से उड़ान भर चुका है।
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पहले प्रकाशित : 15 नवंबर, 2023, 20:19 IST
