Homeमनोरंजनसाल में सिर्फ एक बार है ये मिठाई, स्वाद भी लाजवाब, बिना...

साल में सिर्फ एक बार है ये मिठाई, स्वाद भी लाजवाब, बिना अधूरी है छठ पूजा


कैलाश कुमार/बोकारो.आस्था का महापर्व छठ को लेकर बोकारो में भव्य मंदिर दिखाई दे रहा है। जहां आस्था के महापर्व छठ पूजा की तैयारी के साथ आस्था का महापर्व छठ पूजा को लेकर विशेष बाजार में उतारा गया है। जहां डलिया, सूप, फल, और पूजा विधि से जुड़ी डेरों वैरायटी की बिक्री जारी है। डुकन के डीलर दिलीप ने लोकल 18 झारखंड को बताया कि छठ पर्व में सूर्य देव देवता को विशेष रूप से मीठे प्रसाद के रूप में मिठाई बताई जाती है। जाते हैं। चॉकलेट बोलचाल की भाषा में साचा भी कहा जाता है। चीनी से विशेष रूप से तैयार किया जाता है

वहीं, साचा बनाने की प्रक्रिया को लेकर दिलीप ने बताया कि सबसे पहले बड़े से पतीले पर महंगे गर्म पानी में चीनी का सामान बनाया जाता है। फिर उसे कच्चे माल पर चाशनी तैयार की जाती है और उसके बाद ठेकवा के ग्यान के बने लोहे के फ्रेम पर डिब्बों को ठंडा किया जाता है और अंतिम रूप से निकाल कर ग्राहक को साचाशा दे दिया जाता है। दिलीप ने बताया कि यह सिर्फ छठ के दौरान बनाया जाता है और 50 किलो चीनी में लगभग 35 किलो साचा बताया जाता है।

साँचे बतायें का अधिक महत्व है
आमतौर पर 1 क्लासिक सांचेज की बिक्री होती है और यह सिर्फ छठ पर्व के दौरान ही की जाती है। वह अपनी दुकान का संचालन सुबह 8:00 बजे से रात लेकर लेकर रात 9:00 बजे तक करती है। वह दुकान पर खरीदारी करती है आई ग्राहक रूबी देवी ने बताया कि छठ पूजा के दौरान साँचा बताशे का बहुत अधिक महत्व होता है।

.

पहले प्रकाशित : 15 नवंबर, 2023, 12:34 IST



Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Must Read

spot_img