रजीव कुमार/झुंझुनू। राजस्थान के झुंझुनू जिले का बिसाऊ गांव पूरे देश में अपनी मूक फर्म के लिए प्रसिद्ध है। इसके साथ ही बाईसाऊ नागपुर के मुख्य बाजार में एक मिठाई की दुकान पिछले 100 वर्षों से चल रही है। इस दुकान के पेड़े के लोग खासे दीवाने हैं।
बिसाऊ में रहने वाले शिवकुमार की शर्मा दुकान के पेड़े काफी मशहूर हैं। इस दुकान पर पिछले 100 सार्स से ट्रीका ब्लॉक आ रहे हैं और आज भी लाजवाब शुभकामनाएँ सुरक्षित हैं। उन्होंने बताया कि दुकान में कम चीनी दाल कर भट्टी पर अच्छे से घुई की जाती है। जबकि पेड़ा के लिए अलग-अलग तरह की चाशनी मौजूद है। साथ ही बताया कि वह गाय के दूध का उपयोग करने के लिए पेड़े कैसे बनाते हैं।
रोजाना बिकते हैं 30-35 किलो के पेड़े
शिवकुमार शर्मा ने बताया कि वह एक दिन में लगभग 30-35 पेड़ तोड़ते हैं और सभी बिक जाते हैं। साथ ही बताया कि हमारे शहर से जो लोग दिल्ली, कोलकाता या फिर इराक जाते हैं, वो पेड़ लेकर जरूर जाते हैं। इन ऑफर का रेट 380 से लेकर और 400 रुपये तक है। साथ ही बताया कि केसर और कम चीनी के पेड़े 480 रुपये किलो के दाम मिलते हैं। हालांकि शिवकुमार शर्मा अपनी दुकान पर स्नोकी, गुलाब जैमीन, मावा जैसे भी हैं। विद्यार्थीने बताया कि यह उनका पुस्टैनी काम है। पहले उनकी दुकान की दुकान चलती थी। अब वह खुद दुकान पर काम कर रहे हैं। सालभर में इन डिपो की डिजाइयाँ रहती हैं, लेकिन दीपावली पर क्रेज़ देखने को मिलती है।
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पहले प्रकाशित : 15 नवंबर, 2023, 15:54 IST
