नई दिल्ली: बेल्जियम में 31 साल पहले एक महिला की हत्या हुई थी। लेकिन उसकी पहचान नहीं हो पाई. अब उसकी पहचान हो गई है. इसके बाद इंटरपोल की जांच रिपब्लिक ने रिलीफ की सांस ली। महिला की पहचान रीटा रॉबर्ट्स के रूप में हुई है। रीता का शव 3 जून 1992 को बेल्जियम के एंटवर्प में एक नदी में मिला था।
सन की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने उन 22 महिलाओं को एक पौराणिक पौराणिक कथाओं में हत्या कर दी थी और पुलिस मामले से लेकर इंटरपोल को सार्जेंट से परेशान कर रही थी। नीदरलैंड, जर्मनी और बेल्जियम की पुलिस की शुरुआत तो हैरान करने वाली थी, लेकिन बाद में इसमें महिलाओं की पहचान के लिए सहयोग भी शामिल कर लिया गया।
पहचान: ‘फूल टैटू वाली महिला’ का नाम 31 साल बाद रीटा रॉबर्ट्स रखा गया है।
जानिए कैसे होता है ऑपरेशन #मुझे पहचानें एक पीड़िता को उसका नाम वापस दे दिया, जिससे उसके परिवार का अंत हो गया।https://t.co/3t5dCi6iyO pic.twitter.com/f2hakGfk1v
– इंटरपोल (@INTERPOL_HQ) 14 नवंबर 2023
रीटा को बीबीसी क्राइम रिपोर्ट में उनके विशिष्ट फूलों के दोषों का कारण बताया गया। जबकि उनके परिवार ने गुम्बशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी। वो उस घटना से अनन्या थे जो सबसे पहले घटी थी। इस साल रीता के बारे में एक लेख प्रकाशित हुआ था जिसमें उनकी तस्वीर की एक तस्वीर शामिल थी।
दुर्भाग्य से हुई पहचान
उनकी शुभकामनाओं में ग्रीन बेरोजगार वाला एक काला गुलाब और उसके नीचे ‘आर’निक’ लिखा हुआ था। रीटा के परिवार के सदस्यों में से एक ने एक लेख देखा और इसके बाद परिवार के सदस्यों के साथ पुलिस के सहयोग से काम करने के लिए बेल्जियम गए और रीटा की आधिकारिक तौर पर पहचान की गई।
जिस वर्ष उनकी मृत्यु हो गई उस वर्ष फरवरी में रीता कार्डिफ अपने घर से बेल्जियम के एंटवर्प की यात्रा की थी। मई में उनके परिवार को आखिरी बार पोस्टकार्ड डीपीआरके के एक महीने बाद उनका शव ग्रूट शिज़ान में एक जंगल के सामने आया।
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पहले प्रकाशित : 16 नवंबर, 2023, 08:46 IST
