रूपांशु चौधरी/हजारीबाग. फास्ट फूड पिज्जा, बर्गर, मोमोज चाउमीन सहित अन्य व्यंजनों के दौर में भी पारंपरिक खाद्य पदार्थों का क्रेज मौजूद है। आज भी लोग देसी व्यंजन लिट्टी चोखा के खूब दीवाने हैं। वैभवशाली नए बस स्टैंड में लीज वाले लक्ष्मण लिट्टी भंडारा का एक उदाहरण है। लक्ष्मण लिट्टी भंडारा में सुबह 4:00 बजे से रात 10:00 बजे तक लिट्टी खाने आए खिलौनों की भीड़ लगी रहती है।
लक्ष्मण लिट्टी भंडार के लीडर लक्ष्मण कर्मचारी हैं कि नए बस स्टैंड में वे पिछले 10 सालों से लिट्टी स्टोर का काम कर रहे हैं। आने वाले खाने वाले यात्री अधिक शहर के लोग अपनी दुकान पर लिट्टी के लिए आते हैं। अभी दुकान में तीन वैराइटी की लिट्टी उपलब्ध है जिसमें सेक हुआ लिट्टी 20 अलग-अलग जोड़ी। अच्छा हुआ लिट्टी 30 रुपये में चार और सेक हुआ घी वाले लिट्टी 40 रुपये जुड़े हैं।
हरी खाद का स्वाद है
लक्ष्मण लिट्टी भंडार के कलाकार प्रकाश यादव का कहना है कि वह पिछले 7 वर्षों से लिट्टी बना रहे हैं लिट्टी का स्वाद बढ़ाने के लिए बैंगन का भरता टमाटर की चटनी और पुदीना और धनिया की चटनी का उपयोग किया जाता है।साथ ही लिट्टी में मसाले लिज्जत, मोम, लाभ मिलाए जाते हैं। वहीं लिट्टी के सत्तू में तेल, आम का अचार, लहसुन का पेस्ट, हरी मिर्च का पेस्ट, गरम मसाला, अजेय जीरा का मिश्रण आदि शामिल हैं।
इन सबके मूल कारण लिट्टी का स्वाद और भी निखार आता है। आर्टिस्टिक प्रकाश यादव के अनुदेशक हैं कि अभी कार्तिक मास होने के कारण प्रतिदिन लगभग 500 प्लेट से अधिक की बिक्री होती है। वही कार्तिक मास समाप्त होने के बाद 800 प्लस प्लेट दैनिक बिक्री का अनुमान होता है। यहां ज्यादातर लोग सेका हुआ लिट्टी खाना पसंद करते हैं.
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पहले प्रकाशित : 16 नवंबर, 2023, 08:19 IST
