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नौकरी के लिए जमीन की तलाश में बेरोजगारों की मुश्किलें! किसान भर्ती रेलगाड़ी से पूछताछ सीबीआई, कोलोराडो पूरा मामला


नई दिल्ली। जॉब के लिए जमीन मामले में फ्लैट के फ्लैट में शुक्रवार को एक बड़ी खबर आई। अगले सप्ताह रेलवे के करीब एक कर्मचारी और अधिकारी से जांच एजेंसी पूछताछ जारी है। दिल्ली स्थित मुख्यालय में यह पूछताछ होगी। 21 से 25 नवंबर को बीच में एक करीबी कर्मचारी से पूछताछ के लिए बुलाया गया। पेश मामले में पूर्व रेल मंत्री विश्वनाथ प्रसाद यादव भी संदेह के घेरे में हैं।

अधिकारियों के अनुसार पूछताछ के लिए सभी रेलवे कर्मियों को बिहार के सोनपुर और बरौनी डिवीजन में काम करने के लिए कहा गया है। लैंड के बदले केस नौकरी में इन लोगों से सवाल-जवाब करेंगे। जिन लोगों से पूछताछ के लिए रेलवे के कर्मचारी विभाग के कर्मचारियों को बुलाया गया है। इनमें से नौ सोनपुर एवं एक बरौनी जंक्शन में रेलवे स्टेशन हैं। वर्ष 2004-2009 के बीच रेलवे भर्ती से जमीन के बदले नौकरी की शुरुआत हुई। किसानों के दस्तावेज के मुताबिक, रेलवे मंत्री प्रसाद यादव पर जमीन के बदले में नौकरी देने का आरोप है। विश्वासियों का आरोप है कि प्रसाद प्रसाद यादव ने नौकरी के बदले अपने और अपने परिवार के सदस्यों के नाम पर जमीन लिखी थी।

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रजिस्टर्ड कंपनी पर लगा गंभीर आरोप
कत्याल एके इन्फोसिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड नामक कंपनी का पंजीकृत पता डी-1088, न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी, नई दिल्ली है, जो प्रसाद यादव और उनके परिवार के सदस्यों का घर है। एजेंसी ने आरोप लगाया कि उक्त कंपनी ने प्लास्टिक प्रसाद की ओर से एक जमीन का अधिग्रहण किया था। कहा गया है कि भूमि अधिग्रहण के बाद, उक्त कंपनी के शेयर 2014 में प्रसाद के परिवार के सदस्यों को स्थान दिया गया था। कंपनी के निदेशक मंडलों पर एजेंसी ने मार्च में छापी थी।

टैग: सीबीआई, लालू प्रसाद यादव, नवीनतम रेलवे समाचार, रेलवे समाचार



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