आशुतोष/रीवा. शहर न सिर्फ सफेद बाघ के लिए बल्कि अपने अलग रंग के लिए भी जाना जाता है। बलिया के कुजीन के अलावा रीवा में भी कई सी खाने की चीजें मशहूर हैं। रीवा के लोग जलेबी भैया के चने को भी काफी पसंद करते हैं. रीवा के सिरमौर रोड स्थित इंटूरा कोटा के पास स्थित जलेबी भैया की दुकान में आपको हमेशा चने का स्वाद लेने वालों की भीड़ उमड़ेगी। जलेबी भैया का नाम सुनने पर ही ऐसा लगता है कि जलेबी भैया लोग गरमा-गरम जलेबी खाते होंगे, लेकिन रीवा के जलेबी भैया गरमा गरम जलेबी नहीं, बल्कि अपने खास अंदाज में बनाए गए चने के लिए मशहूर हैं.
15 वास्तुशिल्प वास्तुशिल्प हैं चने
जलेबी भैया ने बताया कि वह 12 के टुकड़ों को एक साथ एक साथ अपना स्पेशल चना तैयार करते हैं। जिसमें टमाटर, खेडा, प्याज, तेली मूंगफली, सेब मिर्च, धनिया पत्ता, नींबू, काली मिर्च, काबुली चना, देसी चना, सलोनी, नमक शामिल है। जलेबी भैया का यह मिश्रण लोगों को खूब पसंद आता है. जलेबी भैया की यह दुकान ग्रामीण और शहरी परिवेश दोनों की झलक को संजोती है। इस दुकान में सुबह-शाम लोग शामिल होते हैं और चने व मूँगफली के स्वाद के कारखाने हैं। यहां मिलने वाले चने की कीमत 25 रुपए प्लेट है।
इस दुकान में और भी बहुत कुछ खास
यह दुकान 1980 से शहर में चल रही है। दुकान की शुरुआत जलेबी लाल यादव ने की थी। इस दुकान में चना, मूँगफली, चाय, कॉफ़ी के अलावा पान भी है। दुकान में आने वाले लोगों का कहना है कि रीवा में यह एक खास जगह है, जहां इतने बेहतरीन नाश्ते के साथ एक मिल मिलती है। कुछ शौकीन इस दुकान में स्वास्थ्य के लिए बेहतर कर्मचारी भी हैं। कहते हैं कि यहां मिलने वाले चने को खाने के बाद कभी पेट की समस्या नहीं होती, बल्कि हाजमा ठीक हो जाता है। यहां कुछ झलकियों में बताया गया है कि चने का टेस्ट इतना अच्छा है कि बच्चे से लेकर बुजुर्ग सभी शामिल हो सकते हैं।
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पहले प्रकाशित : 19 नवंबर, 2023, 09:01 IST
