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अक्षय फल ऑफर करने वाली घटिया नवमी आज 21 नवंबर को है।
हर साल कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि आती है।
इस दिन एवं कुछ उपायों को करने से भगवान विष्णु माता लक्ष्मी की कृपा होती है।
आंवला नवमी 2023: अक्षय फल ऑफर करने वाली घटिया नवमी आज 21 नवंबर को है। हर साल कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि आती है। पूर्वोत्तर अक्षय नवमी और कूष्माण्ड नवमी भी कहते हैं। इस दिन आंवले के वृक्ष और भगवान विष्णु की पूजा का विधान है। सिद्धांत यह है कि नवमी के दिन आँवले के पेड़ से अमृत की बूँदें गिरती हैं। इस दिन प्राप्त हुए पुण्य और अच्छे कर्मों के फल अक्षय रहते हैं। इस दिन कुछ आसान उपाय करने से भगवान विष्णु एवं माता लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है। मछली माँ लक्ष्मी के घर आती हैं, जिससे आर्थिक संकट दूर हो जाता है। आइए युवाओं के ज्योतिषाचार्य पं. ऋषिकांत मिश्र शास्त्री से जानिए जड़ी-बूटी नवमी पर जाने वाले उपायों के बारे में-
नवमी पर जाने वाले 5 चमत्कारी उपाय
आँवले का भोग स्थान: अपनी सोई किस्मत चमकाने के लिए विशेष नवमी का दिन बेहद ही अशुभ होता है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा करने से मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है। आज के दिन पूजा के समय भगवान विष्णु को आँवले का भोग लगाएं। साथ ही किसी गरीब ब्राह्मण को आंवले का दान करें। ऐसा करने से भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी प्रसन्न होंगे और आप उनकी कृपा चाहेंगे।
फ़्रिज को भोजन की दुकान: विविध नवमी के दिन भगवान विष्णु की विधि-विधान से पूजा करें। इसके बाद आँवले के पेड़ के नीचे आसनसाकर किसी गरीब व्यक्ति को भोजन बनवाना। इसके बाद आप स्वयं भी पूरे परिवार के साथ भोजन करें। इस उपाय को करने से माता लक्ष्मी की कृपा होती है। उनकी कृपा से धन-संपत्ति में वृद्धि होती है। साथ ही घर की दरिद्रता दूर होती है।
घर में आँवले का पौधा: जड़ी-बूटी नवमी के दिन घर में आवले का पौधा अवश्य लगाना चाहिए। ऐसा करने से घर से दोष दूर होते हैं। साथ ही घर में सकारात्मकता बहुत अधिक है। ऐसा माना जाता है कि आंवले के पेड़ में श्रीहरि का वास होता है। इसलिए अक्षय नवमी को आंवले की पूजा की जाती है। घर में इसका तेल समय दिशा का ध्यान अवश्य रखें। ज्योतिषाचार्य इसे घर के उत्तर या पूर्व दिशा में ले जाना अत्यंत शुभ मानते हैं।
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आँवले के पेड़ के नीचे बैठा: ईसाई धर्म के अनुसार, अक्षय पुण्य फल प्रदान करने वाली संस्था के दिन आँवले के वृक्ष से अमृत की बूंदे गिरे हुए हैं। इसका लाभ लेने के लिए रेस्टॉरेंट नवमी अर्थात अक्षय नवमी को अपने बंगले के साथ आँवले के पेड़ के नीचे समय पर शुरू करना चाहिए। आंवले के पेड़ की जड़ में दूध और जल की तलाश करें। ऐसा करने से आपको उत्तम स्वास्थ्य लाभ की प्राप्ति होगी। साथ ही परिवार में सुख और शांति बनी रहेगी।
केसरी खेड का भोग स्थान: अक्षय नवमी यानि अक्षय नवमी के दिन भगवान विष्णु की पूजा का विधान है। इस दिन आप माता लक्ष्मी की भी पूजा करें और केसर वाली खेड का भोग लगाएं। इसके बाद इसे प्रसाद स्वरूप परिवार के सदस्यों को खिलाएं। ऐसा करने से माता लक्ष्मी को मदद मिली और आपके घर से आर्थिक संकट दूर हो गया। इसके साथ ही घर में धन-संपत्ति में वृद्धि होगी।
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पहले प्रकाशित : 21 नवंबर, 2023, 02:41 IST
