ब्रजेश्वर साकी
देहरा (कांगड़ा). हिमाचल प्रदेश के डेहरा जिले के देहरा की ग्राम पंचायत ढावाला के सनोट गांव के दो मजदूरों ने विदेशी अतिथि पक्षी ग्रेट कर्मोरेंट (साइबेरियन जलकाग) की जान बचाई है, जिसका एक वीडियो सामने आया है। दोनों भाई जगदीश ठाकुर और हरीश ठाकुर ने अपनी जान की विशेषताएँ ब्यास नदी की ढलान पर छोड़े जाने से पहले साइबेरियन पक्षी जलकाग को बड़ी मुश्किल से खोजा। यह पक्षी मछली पकड़ने वाले जाल में फंस गया था, लेकिन जलकाग ने पानी में खोज निकाली और जाल में फंस गया।
इस डेलेरी नदी में उतरकर पक्षी की जान पर चर्चा हो रही है कि लाइफ वाइल्ड एंड प्रदेश सरकार इन विदेशी प्रवासियों को सम्मानित करे।
जलकाग (ग्रेट कर्मोरेंट) पक्षी मूलरूप से हिमालय और साइबेरिया में रहते हैं। यह ठंड के समय यहां का रुख रखते हैं। जब ठंडे देशों में झीलें बर्फ में जमी होती हैं तो विभिन्न जानवरों के पक्षी पॉन्ग झील का रुख करते हैं। यह विदेशी अतिथि पक्षी हमेशा स्वच्छ पानी के जलस्रोतों के पास रहते हैं और जलीय अतिथि पक्षी का शिकार करते हैं। इन दिनों ब्यास नदी पर बनी पशुचिकित्सक प्रताप पाउंग झील पर विदेशी पक्षियों की छुट्टी हो गई है, जहां पाउंग झील में कई पक्षियों की अट्टालियां देखी जा सकती हैं। साथ ही ब्यास नदी में मछुआरे जाल बिछाकर मछलियाँ भी पकड़ती हैं। जो जल ख़राब हो जाते हैं उन्हें नदी में ही छोड़ देते हैं। ऐसे ही जाल में फंसकर कई पक्षी भी मर जाते हैं।
जगदीश और ऋषि के इस साहस की हर कोई सराहना कर रहा है। यह दो तीर्थयात्रियों की इस नेक कोशिश से एक विदेशी अतिथि पक्षी की जान बच गई। यह एक प्रेरणादायक कहानी है कि हमें भी अपने आसपास के तीर्थयात्रियों का ध्यान रखना चाहिए। लोगों का कहना है कि जगदीश ठाकुर और हरीश ठाकुर ने एक पर्यावरण प्रेमी की तरह काम किया है। उन्होंने एक पक्षी की जान बचाकर पर्यावरण को एक बहुत बड़ी सेवा की है। वाइल्ड लाइफ़ रिज़ॉर्ट के डी फ़ोबिया रिगनॉल्ड रॉयस्टन ने भी कारखानों की दुकान खोली है। अधिकारियों ने कहा है कि जगदीश ठाकुर और हरीश ठाकुर के इस काम से अन्य लोगों को भी प्रेरणा मिलेगी और वे भी प्रकृति के प्रतिनिधि होंगे।
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पहले प्रकाशित : 20 नवंबर, 2023, 13:57 IST
