Homeछत्तीसगढ़छत्तीसगढ़ में मिनी गो! क्लासिक की फिल्मी झलक, प्रकृति का अनोखा...

छत्तीसगढ़ में मिनी गो! क्लासिक की फिल्मी झलक, प्रकृति का अनोखा आनंद, वनविभाग ने तैयार किया प्लान


ओपीपी/सोपानकोरबा. जिले के प्रमुख पर्यटन केंद्र सेंट्रेंगा पहले ही लोगों के दिल में बसता है। प्रदेश के विभिन्न प्रोटोटाइपों को देखने के लिए यहां क्लिक करें। अब इस पर्यटन केंद्र में कोरबा वनमंडल में जाने वाले छोटे से लेकर बड़े जानवरों की झलक पाने वाले आम लोगों को एक ही छत के नीचे मिल सके, इस दिशा में वन विभाग पहले किया जा रहा है। बता दें कि जिले के कोरबा वनमंडल के अंतर्गत आने वाला सतरेंगा पर्यटन केंद्र बांगो डुबान का पूरा क्षेत्र है। पहले ही इसे संवारने के लिए राज्य सरकार ने पहल की थी और अब सतरेंगा पर्यटन केंद्र ने छत्तीसगढ़ के नक्शे में अलग-अलग जगह बनाई है। हर साल इस केंद्र में पिकनिक मनाने के लिए और हरे-भरे विशेषायों के नजारे को कैद करने के लिए बड़ी संख्या में लोग तैनात होते हैं।

कोरबा वन मंडल सचिवालय के निर्देश पर आशीष खेलवार और बालको वन परिषद के अधिकारी जयन्त सरकार द्वारा सेंट्रेंगा में एक ही छत के नीचे पहली बार जा रही है। बताया जाता है कि कोरबा वनमंडल में कौन-कौन से जानवर पाए जाते हैं और उनकी विशेषताएं क्या-क्या हैं, ताकि दूर दराज से आने वाले कोराबा के जंगल और वन्यजीव मंडल में आने वाले सामान की जानकारी उपलब्ध हो सके। जानकारी मिल सके. अभी भी बालको वन परिषद के अधिकारी जयन्त सरकार द्वारा एक प्रस्ताव भेजा गया है, बैठक के बाद इस दिशा में काम शुरू होगा।

अनछुए की लुप्तप्राय घटना को देखने को मिलता है
कोरबा वनमंडल के घने जंगलों की भरमार है, यहां के जंगलों में ज्यादातर साल और सागौन के पेड़ हैं। इसकी वजह से यह अनऑचल अचैनल को बहुत रास आता है और इससे बेहतर आवास के लिए भी बनाया गया है। यही वजह है कि छत्तीसगढ़ में कोरबा ही ऐसा अनोखा शहर है, जहां किंग कोबरे की पहचान है। साथ ही कोरबा के जंगल में उड़न मिलहरी, उदबिलाव ग्रुप के बिसोनिया, पैंगोलिन, तेंदूआ जैसे अन्य प्राणियों के अवशेष हैं। और डायनासोर में पाए जाने वाले हॉर्नबिल नामक पक्षी भी लेमारू और बालको रेंज में पाए जाते हैं। इसके साथ ही अन्य प्रकार के शैतानी शैतानों की भी यहां जानकारी मिलती है। इन सभी वैश्य मठों के बारे में विभाग में एक ही छत के नीचे लोगों को सारी जानकारी उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया है, ताकि जमीन की संख्या और वृद्धि हो सके।

टैग: छत्तीसगढ़ समाचार, कोरबा खबर, स्थानीय18, पर्यटक स्थल



Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Must Read

spot_img