अभय विशाल, पारा: रात्रिरानी या हरसिंगार नाम का फूल बहुत काम का होता है। यह फूल धार्मिक और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से एक अलग महत्व है। इसके कई गुण होते हैं. यह फूल अगर घर में लगा हो तो घर पूरा रहता है। इसके मन को बहुत शांति भी मिलती है। इस फूल के बारे में ऐसी ही सच्चाई है कि यह फूल भगवान कृष्ण स्वर्ग से धरती पर लाए थे। इसे रात की रानी इसलिए कहा जाता है क्योंकि यह फूल रात में ही खिलती है।
जोड़ों के दर्द में असरदार है हरसिंगार का फूल
सारण के जाने माने ज्योतिषाचार्य सह आयुर्वेद चिकित्सक स्वामी संदीपाचार्य ने बताया कि हरसिंगार या रातरानी के फूल के पत्तों को पानी पीने से साइटिका के दर्द से राहत मिलती है। अगर आपके पास खाली पेट-अलॉट स्टॉक हैं तो आपको सबसे ज्यादा फायदा होगा। उन्होंने बताया कि हरसिंगार के उपाय, पत्ते, फूल और शिष्यों को 200 खिलौने पानी में मिलते हैं। जब फिल्ज़कर 50 मिलें हो जाएं तो गैस बंद कर दें। फिर गर्म-गरम सिप करके दिन में एक बार पीने से जोड़ों के दर्द में आराम मिलता है।
वहीं बुखार में भी इस फूल का अर्क बहुत ही शानदार होता है। इसके प्रयोगों के अनुसार 3 ग्राम मात्रा में तुलसी के पत्तों का संयोजन, फिर इस पानी को दिन में दो से तीन बार पीने पर यह आपके लिए बहुत चमत्कारी होगा।
डेट-जुकाम में कमाल है इस फूल के पत्ते का काढ़ा
स्वामी संदीपाचार्य के अनुसार रातरानी फूल के काढ़े पर नोजल-जुकम होने से बहुत नुकसान होता है। इससे पुराने जमाने में तुरंत राहत मिलती है। उन्होंने बताया कि इसकी फूल कोकी आप चाय पी सकते हैं। तुलसी की प्रयोगशाला में, यह चाय भी आपकी सेहत के लिए अच्छी है। इससे कफ की समस्या से राहत मिलती है। इसके साथ ही इस फूल का काढ़ा स्ट्रेस और एंजाइटी को भी दूर किया जा सकता है।
नोट- यह लेख सिर्फ आपकी जानकारी के लिए लिखा गया है। इसपर अमल करने से पहले किसी आयुर्वेदिक डॉक्टर की सलाह जरूर लें। लोक 18 इसकी पुष्टि नहीं करता है.
.
टैग: आयुर्वेद चिकित्सक, बिहार के समाचार, छपरा समाचार, स्वास्थ्य लाभ, स्वास्थ्य समाचार, स्थानीय18
पहले प्रकाशित : 21 नवंबर, 2023, 17:24 IST
