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राजस्थान चुनाव: लक्ष्मणगढ़ पर टिकी अंबानी के सहयोगी, बीजेपी की चिंता महरिया के सामने प्रतिष्ठा की चुनौती


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राजस्थान विधानसभा चुनाव अद्यतन 2023
लक्ष्मणगढ़ सीट पर कड़ा मुकाबला
डोटासरा के बीजेपी के खिलाफ सुबाश महरिया टोल रहे ताल

सीकर. राजस्थान विधानसभा चुनाव में सीकर जिले की लक्ष्मणगढ़ विधानसभा सीट इस बार हॉट सीट बनी हुई है। यहां से कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा चौथी बार कांग्रेस के ताल ठोक रहे हैं। भाजपा ने पूर्व केंद्रीय मंत्री सुभाष महरिया को अपना उम्मीदवार बनाया है। डोटासरा लक्ष्मणगढ़ लगातार तीन बार चुनाव जीत दर्ज कर चुके हैं और इस बार जीत का चौका लगाने का मकसद चुनावी मैदान में उतरे हैं। वहीं दूसरी तरफ 6 महीने पहले कांग्रेस ने बीजेपी को वापस लाने वाले सुभाष महरिया के सामने अपनी प्रतिष्ठा को चुनौती दी है।

महरिया ने 2013 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी के टिकट पर गोविंद सिंह डोटासरा के खिलाफ चुनावी लड़ाई लड़ी थी लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था. इसके बाद 2014 के आम चुनाव में बीजेपी की तरफ से उम्मीदवार नहीं बने रहने से नाराज होकर उन्होंने चुनावी लड़ाई लड़ी और उस चुनाव में भी उनकी हार हुई थी. इसके बाद उन्होंने कांग्रेस का दामन थाम लिया था। वहीं इस सीट पर दोनों कद्दावर नेताओं का दूसरी बार आमना- सामना होने से मुकाबला काफी दिलचस्प हो गया है।

राजस्थान चुनाव: लक्ष्मणगढ़ पर टिकी अंबानी के सहयोगी, बीजेपी की चिंता महरिया के सामने प्रतिष्ठा की चुनौती

2018 में 22 हजार की जीत से डोटासरा मिला
लक्ष्मणगढ़ विधानसभा क्षेत्र में कुल 271209 लोग हैं। इनमें से 139853 पुरुष और 131353 महिला एवं अन्य कलाकार हैं। वहीं पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के उम्मीदवार गोविंद सिंह डोटासरा का मुकाबला बीजेपी के दिनेश जोशी के साथ हुआ था. डोटासरा को 98227 और भाजपा के दिनेश जोशी को 76155 वोट मिले थे और इस प्रकार 22057 चुनावी से कांग्रेस उम्मीदवार गोविंद सिंह डोटासरा की जीत हुई थी।

कांग्रेस का गढ़ है लक्ष्मणगढ़ सीट
जयपुर से 140 किमी दूर लक्ष्मनढ़ क्षेत्र का अधिकांश भाग ग्रामीण क्षेत्र है। जाट बाहुल्य झील वाली इस सीट को हमेशा से कांग्रेस का मजबूत गढ़ माना जाता रहा है। यहां कांग्रेस के दिग्गज नेता परसारामदिया मोरदिया लगातार 5 बार नेता चुने गए हैं. वहीं बीजेपी को इस सीट पर सिर्फ एक बार जीत मिली है और वर्तमान में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा यहां से लगातार तीसरी बार विधायक हैं.

90 हजार जाट वोटर तय करते हैं हार जीत
जाट बाहुल्य झील वाली लक्ष्मणगढ़ सीट पर लगातार जाट समाज से विधायक बने आ रहे हैं। दोनों प्रमुख दल भाजपा-कांग्रेस की तरफ से भी जाट समाज के लोगों को टिकट वितरण में प्राथमिकता दी जाती है। वहीं 2018 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने ब्राह्मण समाज को टिकट दिया था लेकिन पार्टी को कोई फायदा नहीं हुआ. इसके अलावा इस सीट पर करीब 30 हजार मुस्लिम और वैश्य मुस्लिम हैं। वहीं वोटरों की संख्या 50 हजार, वोटरों की संख्या 45 हजार और वोटरों की संख्या 20 हजार है.

15 साल में हुए विकास के सबसे बड़े काम
स्थानीय लोगों का कहना है कि मौजूदा विधायक गोविंद सिंह डोटासरा ने अपने 15 साल के कार्यकाल में कई बड़े और महत्वपूर्ण विकास कार्यों की जिम्मेदारी ली है. लक्ष्मणगढ़ को कांग्रेस सरकार के राज्य में जिला अस्पताल, नीचरा पार्क और शहर की प्रमुख सड़कों सहित करीब 1800 करोड़ की विकास सेवाएं मिली हैं। हालांकि बीजेपी का कहना है कि यहां विकास के नाम पर लालच आया है.

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