आशीष कुमार/पश्चिम चंपारण. यूक्रेन में शहद का उपयोग लगभग हर कोई करता है। इसके औषधीय गुणों को बढ़ाने के लिए बहुत से लोग शहद के साथ तुलसी के अर्क का भी उपयोग करते हैं। आयुर्वेद के अनुसार, शहद के साथ तुलसी के पत्तों का इस्तेमाल रोग क्षमता को बढ़ाने के साथ-साथ स्वास्थ्य को भी बढ़ावा देता है।
ऐसे में प्रश्न यह है कि यदि तुलसी के एक पत्ते में प्रयुक्त शहद के गुण को कई गुना बढ़ाया जा सकता है, तो जंगल में तुलसी के एक पत्ते के बराबर शहद का गुणकारी बनाया जाएगा। आज हम आपको बुनियादी बातों पर विशेष जानकारी देने वाले हैं।
तुलसी के रस से निर्मित शहद
पश्चिम चम्पारण जिले में स्थित वाल्मिकी टाइगर रिज़र्व के घने जंगलों में बड़े स्तरों पर शोध किया जा रहा है। बड़ी बात यह है कि यहां पाए जाने वाले फूल और फूलों के मधुमक्खियां के शहद का निर्माण होता है। ट्रेनर और शिक्षक पालक शुभम ने लिखा है कि मधुमखियां एक अपने छत्ते के फिर एक विशिष्ट लक्षण में मौजूद फूल और फूलों की रस पीती हैं और उनका जो शहद तैयार होता है, उसका स्वाद और गुण बिल्कुल वैसा ही होता है या फूल जैसा होता है।
गौर करने वाली बात यह है कि तुलसी के पौधे में तुलसी का पौधा होता है। तुलसी के इन उपचारों के आसपास बहुत बड़ी संख्या में बौद्ध धर्म का पालन किया जा रहा है। ऐसे में मधुमखियां उनकी रस पीती हैं और शहद का निर्माण करती हैं। निर्मित शहद का स्वाद और गुण पूरी तरह से वन तुलसी का होता है।
शहद से कई प्रमुख, औषधीय गुणों का खजाना
आयुर्वेदाचार्य भुवनेश पैंडेज़ की माने तो, शहद में निर्मित वन तुलसी के औषधीय उत्पाद शहद में नहीं बल्कि वन तुलसी का रस होता है। ऐसे में ये शहद पूरी तरह से दवाओं में घुल जाता है। खास बात यह है कि इस प्रकार का प्राकृतिक शहद अपने गुणधर्मों से परिपूर्ण होता है, लेकिन इसमें मुख्य गुण फूल, औषधि या फल का ही होता है। ऐसे में वन तुलसी वाले शहद को तुलसी के रस से निर्मित शहद कहा जा सकता है।
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बकौल आयुर्वेदाचार्य, जिस प्रकार से कोविड के समय तुलसी ड्रॉप का इस्तेमाल घर-घर में किया जाता था, ठीक उसी प्रकार से लोग तुलसी से बनाते हैं इस घर में इस्तेमाल किए जाने वाले क्षेत्र में रोग उपकरण क्षमता को बढ़ाते हैं, त्वचा का रंग निखारते हैं, गले का कालापन खत्म करते हैं करने, कफ की समस्या के लिए सिरदर्द, मोटापा, जुखाम आदि की समस्या और इम्यूनिटी बढ़ाने के उपाय किए जा सकते हैं। इसमें आपको कई औषधीय गुणों की प्राप्ति होगी।
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पहले प्रकाशित : 21 नवंबर, 2023, 23:10 IST
