
उत्तर कोरिया ने मिसाइल क्लास में स्थापित किए सैन्य जासूस उपग्रह।
उत्तर कोरिया ने सैन्य जासूसी उपग्रह को कक्षा में स्थापित करके अपने शत्रु अमेरिका और दक्षिण कोरिया सहित जापान को बड़ा झटका दिया है। उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन ने कुछ माह पहले ही इस उपग्रह का परीक्षण किया था। इसके सफल परीक्षण के बाद अमेरिका ने उत्तर कोरिया की ओर से दूसरे देशों की सेनाओं को ताक-झांक करने की धमकी दी। अब किम जोंग उन ने इस सैटेलाइट को क्लास में सफलतम स्थापना करवाकर अमेरिका और दक्षिण कोरिया के साथ जापान के हितों को और बढ़ाया है। अब इन देशों में अपनी सेना की सुरक्षा में सेंध लीज का डर है।
उत्तर कोरिया ने दावा किया है कि उसने एक सैन्य जासूस उपग्रह में एक दोषपूर्ण कक्षा स्थापित की है। उत्तर कोरिया के अंतरिक्ष अधिकारियों ने रविवार सुबह जारी एक बयान में कहा कि उसके अंतरिक्ष प्रक्षेपण यान ने मंगलवार रात ‘मल्लीगॉन्ग-1’ उपग्रह को स्थापित कक्षा में स्थापित किया। उत्तर कोरिया के इस दावे की अब तक पुष्टि नहीं की जा सकी है। उत्तर कोरिया की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि उनके नेता किम जोंग उन ने सैटेलाइट के इस प्रक्षेपण का निरीक्षण किया है।
दुश्मनों की सैन्य गतिवधियों पर अजनबियों की नजर
उत्तर कोरिया ने इस सैटेलाइट की स्थापना को दुश्मन देशों के सैन्य ठिकानों पर नजर रखना और उसके अनुसार खुद को तैयार करना मकसद से बनाया है। एक बयान में कहा गया है कि यह जासूस सैटेलाइट किम जोंग ने उत्तर कोरिया युद्ध की जवाबी कार्रवाई में अपनी शत्रुतापूर्ण सैन्य कदमों की तत्परता को बढ़ाने के उद्देश्य से है। कहा गया है कि उत्तर कोरिया में भविष्य में भी ऐसे ही और अधिक जासूसी उपग्रहों को प्रक्षेपित करने की योजना बनाई जा रही है। उत्तर कोरिया के इस कदम से दक्षिण कोरिया, जापान और अमेरिका में तनाव बढ़ गया है। (एपी)
