नई दिल्ली। नागालैंड एयरोस्पेस महानिदेशालय (डीजीसीए) के डायरेक्टरेट ऑफ एयरोस्पेस के कैप्टन अनिल गिल को आखिरी बार सस्पेंड कर दिया गया। यह कार्रवाई रविवार को हुई. अनिल गिल सामान के मामले में फंसे हुए हैं। सिटीजन उड्डयन मंत्री रेस्टॉरेंट एलिज़ाबेथ ने कहा कि किसी भी मामले में हमारी सरकार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस सेंटर की नीति है।
मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा, ‘ऐसे किसी भी मामले में कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।’ दरअसल, सरकार ने ऐसे समय में ये कार्रवाई की थी जब हाल ही में डीजीसीए ने रिश्वत लेने के मामले को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को पोस्ट करने की मांग की थी। दस्तावेज़ ने बताया कि इस मामले के संबंध में कुछ दिन पहले मंत्रालय और डीजीसीए को एक ईमेल मिला था जिसमें गिल के खिलाफ आरोप लगाए गए थे, जिसमें हाल ही में एयरोस्पोर्ट्स विभाग में फिर से नियुक्त किया गया था।
भारत सरकार ने कैप्टन अनिल गिल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया क्योंकि उनके खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप की जांच चल रही है pic.twitter.com/pBCZzNfnbl
– एएनआई (@ANI) 22 नवंबर 2023
ई मेल आने के बाद मचा भारी, स्थिर हुई कार्रवाई
बिटकॉइन ने बताया कि ईमेल में जो जानकारी दी गई थी; उनका विभाग में भण्डारण किया गया। बताया गया था कि डायर के सचिव अनिल गिल ने अपनी संपत्ति का गलत इस्तेमाल किया है और यहां तक कि जो उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं है; इसमें गलत तरीके से इनवैलिड के लिए आवेदन पत्र दे रखे हैं। इस याचिका में अनिल गिल के डायलॉग कारनामों की जानकारी दी गई थी। बताया गया कि आख़िर किस तरह का रिवाइवल ली जा रही है और इंस्टीट्यूट्स को धमाका हुआ था।
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पहले प्रकाशित : 22 नवंबर, 2023, 22:01 IST
