अनूप/कोरबाः प्रत्येक वर्ष कार्तिक माह की पूर्णिमा तिथि पर देव साखी की परंपरा है। हिन्दू धर्म में देव दीपावली का भी महत्व बताया गया है। देव का यह पर्व दीपावली के ठीक 15 दिन बाद मनाया जाता है। मुख्य रूप से काशी में इस त्यौहार को बड़ी ही धूमधाम से मनाया जाता है। साथ ही देश भर में इस दिन भगवान नारायण की पूजा का विधान है। इस दिन दीपदान का बहुत बड़ा महत्व बताया गया है। देव दीपावली को लेकर ज्योतिषाचार्य पंडित चन्द्रा डोडी ने विस्तार से बताया।
ज्योतिषाचार्य पंडित दशरथ नंदा ने बताया कि इस वर्ष देव 27 नवंबर को पूर्णिमा के दिन मनाया जाएगा। इस दिन भगवान नारायण की पूजा का विशेष महत्व है। प्रत्येक व्यक्ति को इस दिन भगवान नारायण की पूजा के साथ सत्यनारायण कथा का श्रवण करना चाहिए जिससे उनके जीवन में मानसिक शांति और सुख समृद्धि बनी रहे।
ज्योतिषाचार्य पंडित नन्द दयाल के अनुसार, देव भगवान नारायण के स्वागत में मनाए जाते हैं। दीपावली के बाद भगवान नारायण का स्वागत किया जाता है।
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पहले प्रकाशित : 22 नवंबर, 2023, 12:18 IST
