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36 बैल्ट से रिलीफ लाइब्रेरी है यह फूल, जुकाम-बुखार, पेट दर्द, गठिया का रामबाण इलाज


आशीष कुमार, पश्चिमी चंपारण. समुद्र में ज्यादातर लोग वायरल से होने वाली सर्दी, खांसी, जुखाम, गले की खराश से बचते रहते हैं। आप कितना भी प्रयास कर लें, इस मौसम में वायरल से बचना बेहद मुश्किल हो जाता है। ऐसे में आप ना चाहते हैं एक भी मेडिसिन लेनिनग्राद. इसमें कोई दो राय नहीं है कि अंग्रेजी औषधि का अधिक उपयोग शरीर के लिए किया जाता है। ऐसे में आप आयुर्वेद की मदद ले सकते हैं। असल में, आयुर्वेद में ऐसी सैकड़ों औषधीय औषधि का ज़िक्र है, जिसके उपयोग से आप बेहतर स्वास्थ्य के लिए कर सकते हैं। खास बात यह है कि ज्यादातर औषधीय औषधियां आपके घर के आस-पास ही मिल जाती हैं।

दोस्ती में एक है हरसिंगार का पौधा. जी हाँ, हरसिंगार के पत्तों का उपयोग उमदा डेरे के औषधि के रूप में किया जाता है। आज हम आपको बुनियादी बातों पर विशेष जानकारी देने वाले हैं।

चाय तथा का ठीक से उपयोग करें
आयुर्वेदाचार्य भुवनेश पांडे कहते हैं कि हरसिंगार के फूल से लेकर पत्तियां, छात्र और बीज भी बेहद उपयोगी हैं। इसकी चाय न केवल स्वाद में बेहतरीन होती है बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी गुणकारी है। हरासिंग की चाय बनाने के लिए इसके दो पत्ते और एक फूल के साथ तुलसी की कुछ पत्तियां और 1 गिलास पानी में घोलिए. जब यह अच्छी तरह से सिलिकॉन जाए तो इसे अच्छा कर लें, ठंडा कर लें और फिर पी लें। आप यात्रा तो स्वाद के लिए इसमें शहद का उपयोग कर सकते हैं।

हरासिंग के पत्ते एवं फूलों का ऐसा उपयोग आपको खांसी, जुखाम से राहत दिलाएगी। इसके अलावा आप अपने इंटरनेट अकाउंट का उपयोग दर्द के दर्द के लिए कर सकते हैं। इसके लिए हरसिंगार के 6 से 7 प्यादे पिज्जा पीस लें। पीसने के बाद पेस्ट को पानी में डुबोकर रखें, जब तक कि इसकी मात्रा न हो जाए। अब इसे ठंडा करके रोजाना सुबह खाली पेट पेस्ट बना लें।

दर्द, बुखार और त्वचा संबंधी एसोसिएट्स में अतीत
आयुर्वेदाचार्य के अनुसार, किसी भी प्रकार के बुखार में हरसिंगार की चाय या काढ़ा का ढाँचा बेहद प्रभावशाली होता है। इसके सेवन से डेमोक्रेट और मलेरियल समेत कई तरह का बुखार खत्म हो सकता है। रियल में त्वचा संबंधी समस्या से राहत पाने के लिए आप इसकी पत्तियों को पीसकर लगा सकते हैं। हैण्ड-पैर तथा एसलैसिल में भी हरसिंगार के पेस्ट के रस में मात्रा के बराबर मात्रा में अदरक का रस मिलाकर पीने से लाभ होता है।

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बकौल आयुर्वेदाचार्य, समुद्र में एक स्वास्थ्य व्यक्ति भी हर दिन, खाली पेट हरसिंगार के फूल और फूलों से तैयार चाय और का सेवन कर सकता है।

टैग: आयुर्वेद चिकित्सक, बिहार के समाचार, स्वास्थ्य लाभ, स्वास्थ्य समाचार, स्थानीय18



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