Homeदेशअलॉर्कशी रंग रेस्माकक्यू ऑपरेशन फिर से शुरू, जानें धीमी हुई देरी, किस...

अलॉर्कशी रंग रेस्माकक्यू ऑपरेशन फिर से शुरू, जानें धीमी हुई देरी, किस वजह से रुकी थी इंस्टॉलेशन


उत्तरकाशी. सिल्क्यारा के सबसे प्रभावशाली हिस्सों में से एक, 41 फ़्लोरिडा के समुद्री तट से बाहर निकलने के लिए, आई बाधा को दूर करने के दौरान, फिर से उत्तराखंड को फिर से बचाने का अभियान शुरू किया गया। अधिकारी रविवार की रात को बचाव अभियान के पूरा होने की संभावना देख रहे थे, लेकिन लोहे के सरिया के आगमन के दौरान मोक्ष अभियान में कई घंटे की देरी हुई। मॉस में मौजूद प्रधानमंत्री कार्यालय के पूर्व सलाहकार भास्कर खुल्बे ने बताया कि अमेरिकी ऑगर मशीन में आयरन का सरिया के दौरान फायरिंग की जा रही थी। हालाँकि, उन्होंने कहा कि उन्हें गैस कटर के माध्यम से काटा गया है।

इससे 57 मीटर के पत्थर को भेदने के काम में करीब पांच-छह घंटे की देरी हुई जिससे रविवार की शाम को बने जोश के माहौल में थोड़ी कमी आ गई। इस बीच, उत्तराखंड सरकार की ओर से बनाए गए डेवलपर्स के बीच में सहयोग के लिए यहां के जर्नल कॉन्फ्रेंस में बताया गया कि 45 मीटर से आगे बढ़ने के दौरान सोमवार रात को रुकावट के बाद 1.8 मीटर पाइप और अंदर चला गया। है. उन्होंने बताया कि एक गार्डर ऑगर मशीन में 45 मीटर की आगे की कास्टिंग करने से मशीन का पुर्जा भी टूट गया था। खैरवाल ने बताया कि किडर को काटने के लिए ऑगर मशीन को पीछे ले जाया गया और उसके अलग-अलग हिस्से अलग-अलग किए गए, जिसमें दो घंटे से ज्यादा का समय लगा।

एनडीआरएफ की टीम ने एब्लॉगिंग कंपनी को हटाने का ऑपरेशन शुरू कर दिया है
उन्होंने बताया कि सुरंग के अंदरूनी विशेषज्ञ विशेषज्ञ ने राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (डील रिक्वायरमेंट फोर्स) की टीम की सहायता से दो-ढाई घंटे में सरिए केट और आंतक को खत्म कर दिया। उन्होंने कहा, ‘अच्छा ये है कि ये हर बार की बात पाइप 1.8 इंच और अंदर चला गया है।’ उन्होंने कहा कि इसकी स्थापना के बाद मशीन पर दबाव महसूस हुआ जिसके चलते पाइप को आगे नहीं बढ़ाया जा सका। फोटोग्राफर कॉन्फ्रेंस में मौजूदा राष्ट्रीय राजमार्ग और अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड (एनएच डेटाबेस सीएल) के प्रबंध निदेशक महमूद अहमद ने कहा, ‘हमारी उम्मीद और स्थिर कंपनी है और हम चाहते हैं कि हम तेजी से अपना काम आगे बढ़ाएं।’

48 मीटर तक की रेटिंग, बस 10-12 मीटर का काम बाकी
इस प्रकार अब तक 46.8 मीटर तक पानी का अंतर हो चुका है जबकि 12-13 मीटर तक का अंतर जा चुका है। एक अन्य अधिकारी ने बताया कि 48 मीटर तक की टेस्टिंग चल रही है। यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर बन रही सुरंग का एक हिस्सा 12 नवंबर को रवाना हुआ था और पिछले 11 दिनों से उसके जैसे 41 श्रमिक शामिल हैं, जिनमें रेलवे स्टेशन पर युद्ध के लिए बचाव अभियान चलाया जा रहा है। ऑगर मशीन से लॉन्चिंग कर में छह-छह मीटर लंबी, 800 बैचलर व्यास के पाइपों को रथ का रास्ता बनाया जा रहा है।

अंडले के हथियार ने मॉकड्रिल किया
अधिकारियों ने बताया कि एक बार पाइप चट्टानों के दूसरी ओर रीच जाए तो शेष साथियों के साथ एक-एक कर बाहर लाएंगे, जिसके लिए पूर्वाभ्यास (नकली शुरुआत) की गई है। रियल एस्टेट को पहले से ही लिटाकर्स रस्सियों की सहायता के लिए बाहर ले जाया गया। भास्कर ओपनबे ने कहा कि इस प्रक्रिया में तीन घंटे का समय लगने का अनुमान है।

मुख्यमंत्री पुश्ते
इस बीच, एनालॉग को ऑक्सीजन, भोजन, पानी, ग्रेड और अन्य सामान सोमवार को कास्ट पाइपलाइन के माध्यम से लगातार भेजा जा रहा है। सड़क परिवहन और राजमार्ग राज्य मंत्री जनरल वी के सिंह और औद्योगिक उद्यमों के अतुलनीय करवाल भी सिलक्यारा क्षेत्र के लिए केंद्रीय परियोजना की समीक्षा कर रहे हैं। पिछले 11 दिनों से भी अधिक समय से मुख्यमंत्री पुरुखराज सिंह धामी और उनके पूर्व दिग्गज गंगवार से बातचीत कर उनके बंधे पैमाने पर चर्चा की जा रही है। इस दौरान उनके साथ केंद्रीय मंत्री भी मौजूद थे.

ईसाई धर्म से कहा- पूरा देश आपके साथ खड़ा है
सुरंग में स्थापित ‘ऑडियो कम्युनिकेशन स्टूडियो’ के माध्यम से धामी ने विरोधियों से बातचीत करते हुए उन्हें बताया कि राहत एवं बचाव कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है और मुक्ति उनके कर्मी बहुत करीब पहुंच गए हैं। धामी ने कहा, ‘हम करीब 45 मीटर (मलबे के थ्रू) से आगे आ गए हैं। देश पूरा आपका साथ खड़ा है। आप सभी लोग देखे गए।’

इवेंट ऑफिस के पास बनाया गया सीएम कैम डिजास्टर ऑफिस
मुख्यमंत्री ने दो मौलाना-गब्बर सिंह नेगी और सबा अहमद से विरोधियों के बारे में पूछा और उन दोनों के सहयोगियों के लिए सब कुछ बनाए रखा। धामी ने बचाव अभियान में डे-राट रोमानियाई से भी बात कर अपनी पृथिवी थपथपाई। इस बीच, सिलक्यारा में चल रहे बचाव अभियान के आकर्षक आंकड़े मैटली में अल्पायु के रूप में मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बनाया गया है।

ईगास का पर्व भी नहीं मनाया गया, रविवार को वाराणसी जिले के सीएम हैं
एक प्रेस दस्तावेज़ के अनुसार, बचाव अभियान के दौरान दस्तावेज़ कार्य ने भी किसी भी व्यक्ति को प्रभावित नहीं किया और अभियान की निगरानी भी बेहतर तरीके से की गई, इसके अनुसार मुख्यमंत्री का यह अस्थायी शिविर कार्यालय स्थापित किया गया है। रविवार शाम से मुख्यमंत्री उत्तरकाशी जिले में मौजूद हैं। उधर, मुख्यमंत्री ने ईगास महोत्सव पर भी कोई फैसला नहीं लिया और मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित कार्यक्रम को भी रद्द कर दिया।

हम सामने के दरवाज़े पर हैं और उस पर नज़र डाल रहे हैं
रूड़की स्थित केंद्रीय खनन एवं खनिज अनुसंधान संस्थान के तीन वैज्ञानिक संस्थान उद्यमों का उद्यम प्राप्त करने पहुंच गए हैं। इसमें सुरंग विशेषज्ञ आर डी स्टूडियो भी शामिल हैं। अंतर्राष्ट्रीय तरंग विशेषज्ञ अर्नोल्ड डिक्स ने कहा, ‘इस समय ऐसा लग रहा है कि जैसे हम सामने के दरवाजे पर हैं और उस पर सरेआम दे रहे हैं। हम जानते हैं कि लोग दूसरी तरफ हैं।’

अलॉर्कशी रंग रेस्माकक्यू ऑपरेशन फिर से शुरू, जानें धीमी हुई देरी, किस वजह से रुकी थी इंस्टॉलेशन

तत्काल चिकित्सा सुविधा आपूर्ति की तैयारी, सभी श्रमिकों को अस्पताल भेजा जाएगा
उत्तरकाशी के पुलिस अधीक्षक अर्पण यदुवंशी ने कहा कि वन्यजीवों के बाहर समुद्र तट के बाद उन्हें प्राकृतिक सहायता प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि 30 किलोमीटर दूर चिन्यालीसौड मेडिकल हेल्थ सेंटर से 41 किलोमीटर दूर अस्पताल तैयार किया गया है। ऑरेंज के बाहरी हिस्से में भी सामान और सामुहिक से लेकर लेजर टावर तैयार करने के कारखाने हैं। आईडीए के ढांचे ने बताया कि सुरंग में श्रमिक श्रमिक ठीक हैं। उन्होंने कहा, ‘सुरंग में काम करने वाले लोग मानसिक रूप से मजबूत होते हैं और लोगों को यह भी पता चलता है कि उन्हें बाहर निकालने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं तो वे आशान्वित हैं।’

टैग: बचाव अभियान, बचाव दल, उत्तराखंड समाचार, उत्तराखंड समाचार आज, उत्तरकाशी समाचार



Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Must Read

spot_img