Homeदुनियाइजराइल हमास युद्ध पर पीएम मोदी जी 20 डिजिटल शिखर सम्मेलन का...

इजराइल हमास युद्ध पर पीएम मोदी जी 20 डिजिटल शिखर सम्मेलन का फैसला एस जयशंकर/इस बार जी-20 के डिजिटल शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी के साथ शामिल हुए सर्वे, मगर शी जिनपिंग ने की जिम्मेदारी


जी-20 के डिजिटल शिखर सम्मेलन में मोदी, रूसी राष्ट्रपति और अन्य विश्व नेता।- इंडिया टीवी हिंदी

छवि स्रोत: एपी
जी-20 के डिजिटल शिखर सम्मेलन में मोदी, रूसी राष्ट्रपति और अन्य विश्व नेता।

इजराइल-हमास और रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच भारत ने एक बार फिर नई दिल्ली में डिजिटल शिखर सम्मेलन का आयोजन किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस कार्यक्रम की अध्यक्षता की। डिजिटल शिखर सम्मेलन अबकी बार सम्मेलन में रूस के राष्ट्रपति भी शामिल हुए। जबकि सितंबर में नई दिल्ली में चिली चर्चा में राष्ट्रपति पद शामिल नहीं हो सके थे। वहीं दूसरी ओर चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिघ ने डिजिटल कॉन्फ्रेंस में भी अपनी जिम्मेदारी निभाई। भारतीय विदेश मंत्री ने शी जिनपिंग के शामिल होने पर यह नहीं कहा कि यह उनके देश पर निर्भर है कि कौन सा प्रतिनिधित्व चाहता है। सम्मेलन में इजराइल-हमास संघर्ष, रूस-यून युद्ध और अन्य कई तरह की पैदाइशी विचारधाराओं के समाधान पर ध्यान केंद्रित किया गया।

विदेश मंत्री एस जय शंकर ने बुधवार को कहा कि जी20 के डिजिटल शिखर सम्मेलन में कई नेताओं ने इजराइल-हमास के बीच संघर्ष की बात की और समय पर मानवीय सहायता प्रदान करने, हिंसा को कम करने और फलस्टिन मुद्दे का समाधान निकालने का आश्वासन दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेस कॉन्फ्रेंस में डिजिटल तरीके से आयोजित जी20 बैठक के बारे में सभी सितारों को जानकारी देते हुए जयशंकर ने कहा कि इसमें अफ्रीकी संघ, नौ अतिथि देशों और 11 अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों समेत 21 सदस्यों ने हिस्सा लिया।

गाजा और जापानी पर हुई ये बात

जयशंकर ने कहा कि बैठक में पश्चिम एशिया, गाजा की स्थिति के बारे में विस्तार से चर्चा की गई और कुछ हद तक जापानी संघर्ष और उसके परिणामों पर भी विचार-विमर्श किया गया। यह डिजिटल शिखर सम्मेलन इसलिए भी बहुत महत्वपूर्ण था क्योंकि पश्चिम एशिया में संघर्ष शुरू होने के बाद विश्व नेताओं की पहली बैठक हुई थी। जयशंकर ने कहा, ”जैसा कि मैंने कहा कि कई नेताओं ने इसके बारे में बात की। उन्होंने कहा, ”गंभीरता की निंदा करते हुए नागरिकों के जीवन को होने वाले नुकसान पर गहराई से चिंता व्यक्त की गई, साथ ही समय-समय पर और समसामयिक मानवीय सहायता प्रदान की गई, संघर्ष को कोई सुविधा नहीं दी गई और फलस्टिन मुद्दे पर गहराई से चिंता व्यक्त की गई।” कुल मिलाकर जी20 सदस्यों ने बंधकों की रिहाई, गाजा में राहत सामग्री पहुंचाने और कुछ समय के लिए संघर्ष विराम पर बनी सहमति का स्वागत किया।

यह भी पढ़ें

नवीनतम विश्व समाचार





Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Must Read

spot_img