ॐ प्रकाश निरंजन/कोडरमा।अधिकांश लोगों के घरों में मिलने वाला छोटा सा तुलसी का पौधा पूजा का उद्देश्य विशेष रूप से महत्वपूर्ण है और इसमें औषधीय गुण भी छिपाए जाते हैं। कोडरमा में आयुर्वेदाचार्य शिवानी जोशी ने बताया कि पौराणिक काल से ही तुलसी के उपचार काफी अधिक प्रचलित हैं। लोग अपने घर के आंगन में इसे रखकर इसकी पूजा करते हैं। यदि स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से इसका उपयोग किया जाए तो लोगों को लाभ मिलेगा।
शिवानी जोशी ने बताया कि आयुर्वेदिक चिकित्सा में तुलसी के उपाय काफी उपयोगी हैं। तुलसी के उपचारों में कई प्रकार के पत्ते, जड़ो का उपयोग किया जाता है। तुलसी के उपचारों के पत्ते और जड़ के उपयोग से किडनी एवं पथरी तक की बीमारी से राहत मिल सकती है। समुद्र में सर्दी, खांसी और बुखार से बचने के लिए सुबह-सुबह पेट में तुलसी के पत्तों का सेवन करने से शीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्राप्त होता है। मानसिक परेशानी में सुबह खाली पेट गर्म पानी के साथ तुलसी पत्ते का सेवन करने से राहत मिलती है।
होटल में अस्थायी राहत
महिलाओं के मासिक चक्र के दौरान तुलसी के पत्ते या इसके बीज का उपयोग करने से इस दौरान होने वाली परेशानियों में राहत मिलती है। उन्होंने बताया कि सुबह तुलसी के बीज और पत्ते का सेवन करने से स्वास्थ्य ठीक रहता है। कील मुंहासों से बचाव के लिए तुलसी के पत्तों का पाउडर इसे लेप बनाने से तुरंत आरामदायक है। इसके अलावा मुंह की दुर्गंध दूर करने में भी तुलसी की काफी तारीफ होती है। तुलसी के पत्ते चबाने से इसमें छुट्टियाँ मिलती हैं।
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पहले प्रकाशित : 23 नवंबर, 2023, 17:07 IST
