उधव कृष्ण/पटना. अगले महीने की पहली तारीख अर्थात 01 दिसंबर से पटना के ज्ञान भवन में दो दिव्य राष्ट्रीय मखाना महोत्सव का आयोजन होने जा रहा है। इस महोत्सव का आयोजन कृषि विभाग के उद्यान निदेशालय की ओर से किया जाएगा। कृषि सचिव का कहना है कि इसके माध्यम से राष्ट्रीय स्तर पर कृषि उत्पादन में वृद्धि और बाजार के नए आयाम की तलाश की जाएगी।
कृषि सचिव संजय अग्रवाल का यह भी कहना है कि राज्य के अन्य एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड पर भी बिहार के मखाना और मिलिला मखाना की बिक्री के लिए रणनीति पर चर्चा की जाएगी। इस राज्य में आने वाले पर्यटक बिहार का खाना पकाने के रूप में अपने साथ ले जाइए। महोत्सव में डिजिटल मार्केटिंग के साथ बाजार के नए आयामों पर भी चर्चा होगी।
उत्पाद, व्यापारी, वैज्ञानिक और किसान भाग
मखाना फेस्टिवल-2023 के आयोजन का मुख्य उद्देश्य मखाना को डिजायन तक पहुंचाना और उत्पाद व कंसल्टेंसी क्षमता हासिल करना है। इस महोत्सव में मखाना के प्रगतिशील किसानों और निर्माता कंपनियों, देश और राज्य के प्रमुख प्रतिभागियों, व्यापारियों, वैज्ञानिकों आदि को आमंत्रित किया गया है। कृषि विभाग के उद्यान मंत्रालय की योजना है कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कृषि उत्पादों की कीमत के साथ वृद्धि की जाए। इसी दिशा में विभाग द्वारा काम किया जा रहा है।
बिहार के 06 नारियल में हो रही मखाना की खेती
बिहार के 06 के अंतर्गत एक जिला एक उत्पाद, आकर्षक चावल, साबूदाना, सुपौल, सुपरमार्केट, ड्रेगन और अररिया में मखाना की खेती की जा रही है। प्रशिक्षु हैं कि मखाना स्वस्थ जीवन के लिए सुपरफूड है। राज्य में अंकित पासपोर्ट ओरिएंटेड सेक्टर्स में मखाना को भी शामिल किया गया है। व्यक्तिगत निवेशकों के लिए प्रोजेक्ट कास्ट का 15% (प्रोजेक्ट कास्ट न्यूनतम 0.25 करोड़ और अधिकतम 5 करोड़) और एफपीसी। (फॉर्मर्स प्रोड्यूसर कंपनी) के लिए 25% कैपिटल लाइसेंस का भी प्रस्ताव है।
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पहले प्रकाशित : 23 नवंबर, 2023, 14:56 IST
