अभिषेक तिवारी/दिल्ली. ‘कौन कहता है ऐसे में सुरख नहीं हो सकती, एक पत्थर तो पागलों से उछालो यारों… यह कहावत मध्य प्रदेश के एक युवा ने बिल्कुल सही साबित कर दिखाई है।’ इस समय दिल्ली के प्रोग्रेसिव ग्राउंड में इंटरनेशनल ट्रेड गेम्स का आयोजन किया जा रहा है। इसमें देश-विदेश से कई ऐसे लोग आए हैं, जिन्होंने अपनी-अपनी पिक्चर्स पर फिल्म हासिल की है। इनमें एमपी के रहने वाले एरेन रत्नेश सोरठिया भी शामिल हैं। इस युवा ने मल्टीनेशनल कंपनी में ग्रुप (एचआर) की नौकरी के लिए 2015 में हरीतिमा होम नाम से नया बिजनेस शुरू किया है। कड़ी मेहनत और लगन से अपनी चाय को पूरे देश में खरीदें और पार्टिसिपेंट्स का बिजनेस कर रहे हैं। आइए जानें कहानी…
लोक 18 को एरेन रत्नेश सोरठिया ने बताया कि चाय के बिजनेस से पहले एक मल्टी नेशनल कंपनी में नौकरी की थी, लेकिन काम में मजा नहीं आ रहा था। जब मुझे चाय का शौक था, तो मैंने सोचा कि कुछ अलग करूँ। फिर मैंने पढ़ाई की दार्जिलिंग ब्यूटीफुल टी टेस्ट की और उसके बाद हरितिमा फूड्स प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से अपना आइडिया शुरू किया और आज हम लोगों को प्लेन चाय नहीं बल्कि फ्लेवर वाली चाय और पल्सर सप्लाई कर रहे हैं।
17 फ्लेवर की चाय लोगों को पिलाते रहे
एरेन रत्नेश सोरठिया ने बताया कि हमने अपना बिजनेस सिर्फ एक प्रोडक्ट से शुरू किया था। आज हमारे पास कुल 66 उत्पाद हैं। हमारी चाय में रोज़, मसाला, नींबू, अदरक को मिलाकर 17 फ्लेवर हैं। जबकि फुल्ली में भी 10 से ज्यादा फ्लेवर मौजूद हैं. आज हम अपने उत्पाद भारत के सभी राज्यों में बेचते हैं।
महीने में 30-40 लाख का टर्नओवर
सोरठिया ने बताया कि शुरुआती दौर में लॉकडाउन के कारण एक भी चाय का पैकेट सेल नहीं हुआ था, लेकिन जैसे ही कोरोना खत्म हुआ, वैसे ही हमारी चाय की सेल बड़ी हो गई और हम आज 10000 से ज्यादा कैफे पर अपनी चाय और सुपरमार्केट की दुकानें हैं। हमारी 30 से 40 लाख रुपये की सालाना सैलरी सिर्फ तयशुदा रकम में चलती है। जबकि महीने का टर्नओवर 30 से 40 लाख रुपये के करीब है।
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पहले प्रकाशित : 24 नवंबर, 2023, 15:08 IST
