सन्नन्दन उपाध्याय/बलिया। यूपी के बलिया जिले में एक से बढ़कर एक अल्पसंख्यक समुदाय हैं, जो अपना लाजवाब स्वाद और नाम के कारण मशहूर हैं। आज हम आपको एक ऐसे शैतान के बारे में बताते हैं जिसका न सिर्फ नाम है बल्कि वोग भी काफी है। इसका नाम गाजा की मिठाई है. बलिया में यह किताब से पुरातन में देखने को मिलती है। ये खाने में स्वादिष्ट और बहुत ही शानदार है.
इसकी सबसे बड़ी खासियत तो ये है कि ये मिठाई बहुत ज्यादा दिनों तक टिकती है. यह धीरे-धीरे टूटकर बिखर जाएगा, लेकिन बुरा नहीं होता। पेशेवरों ने बताया कि यह काफी मिठाई पुरानी है। यह मैदा और चीनी से बनी मिठाइयाँ लोगों को खूब भाती है। खास तौर पर सेन लग्न के दिन में इस मिठाई की मांग बढ़ती है। इस मिठाई की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह इतनी जल्दी खराब नहीं होती है।
ऐसी ही एक चीज़ है ये खट्टी मिठाई
निवेशकों ने बताया कि सबसे पहले एक पॉश्चर में मैदा, घी और औद्योगिक पाउडर की कंपनियां बनाई जाती थीं। जब समुद्र तट बंद होता है, तब गर्म पानी से मैदे का स्वाद लिया जाता है। मैदे को गर्म पानी में सबसे ज्यादा समय तक गूंथने के बाद दोबारा बेलन से कई सालों तक बेल कर एक निश्चित आकार दिया जाता है। उसके बाद में बहुत देर तक पिज्जा पर अमल किया गया। इसके बाद चीनी चाशनी में डेटाबेस डब किया जाता है। तब इस मिठाई में एक खास स्वाद आता है. बिजनेसमैन्स ने बताया कि यह गाजा-माल 140 रुपये प्रतिकिलो के अकाउंट से ऑनलाइन उपलब्ध कराया जाता है। यह मिठाई जब गरमा गरम होती है तो इसका स्वाद बहुत ही लाजवाब होता है। यह बहुत ही स्वादिष्ट और लाजवाब है, एक बार खाने के बाद हर कोई इसका दीवाना बन जाता है।
फ़्राईड गाजा नाम?
बलिया के इतिहासकार डॉ. शिवकुमार सिंह कौशिकेय ने बताया कि इस मिठाई को बनाने के लिए गर्म पानी में मैदा को देर तक जारी रखा जाता है। गर्म पानी में कुल मिलाकर कई परतें गूंजने से लेकर ताज़ा वाले गज तक का नाम गाजा पड़ा। इस मिठाई का वोग बहुत ज्यादा होता है. निर्धारित सेन लग्न के दिन में इसकी मांग बढ़ती है। शादी,तिलक या फिर बेटी की विदाई में इस मिठाई को शुभ माना जाता है।
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ऐसे इस दुकान पर
यदि आप भी गाजामायटी का लुत्फ़ उठाना चाहते हैं, तो बलिया रेलवे स्टेशन से सीधे शहीद पार्क चौक से शनिचरी मंदिर के निकट मुन्ना जी की दुकान स्थित है। यहां आप ऑटो या फिर अपना निजी वाहन से जा सकते हैं।
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पहले प्रकाशित : 24 नवंबर, 2023, 10:15 IST
