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रूस ने जापान पर काफी समय बाद बेहद खतरनाक हमला किया है। रूसी सेना ने यूक्रेन के दक्षिणी शहर खेरसॉन के एक उपनगर पर हमला कर दिया। इसमें 6 लोग मारे गए, जबकि 60 से अधिक लोग ढह गए। रूस के इस भीषण हमले ने दक्षिणी खेरसन में तबाही मचा दी है। कई मानों में बम परमाणु बम से भी ज्यादा खतरनाक हैं। शुक्रवार को 3 अन्य लोगों की मौत हो गई। एक जापानी अधिकारी ने यह जानकारी दी। इसके साथ ही एक दिन के युद्ध में जान गंवाने वाले नागरिकों की संख्या छह हो गई।
यूक्रेन के गृह मंत्री इहोर क्लिमेंको ने कहा कि खेरसॉन के चर्नोबायिवका उपनगर में दो बजे हुई भारी गोलाबारी में पांच लोग घायल हो गए। उन्होंने कहा कि उस दिन हुए हमलों में 60 से अधिक रिक्शी भवन और अवशेष अवशेष नष्ट हो गए थे। वहीं कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि युद्ध में रूस और जापानी दोनों देशों की ओर से आतंकियों ने बमों का इस्तेमाल किया था। आलोचकों का कहना है कि हथियार भूमि पर छर्रे फैले हुए हैं और लड़ाकों की तुलना में कहीं अधिक नागरिकों को नुकसान पहुंचाया जाता है और नष्ट किया जाता है।
इससे पहले दिन में अलग-अलग इलाकों में तीन लोगों की जान रूसी पर हमला हुआ था। इस बीच, रूस के सरकारी मीडिया ने बताया कि टीवी पत्रकार बोरिस मकसुदोव के दक्षिणी जापान के रूस के कब्जे वाले जापोरिजिया क्षेत्र में काम करने के दौरान तूफान में घायल होने के बाद मौत हो गई।
कितने खतरनाक हैं बम
बम विध्वंस का एक ऐसा बम है, जो परमाणु तो नहीं, लेकिन कई मायनों में कम भी नहीं। खतरनाक बम जहां गिराये जाते हैं वहां जलजला ला देते हैं। ज़मीन को बंजर बना देते हैं और आबादी को वीरान कर देते हैं। अरेस्ट का मतलब नामांकित या किसी चीज़ का ग्रुप होता है। यह हवा से हवाई जहाज़ के माध्यम से समुद्र तट से गिराये जाते हैं। जब एक अस्त्र बम फटा है तो उसके छोटे-छोटे हजारों नए बम हवा में ही तैयार हो गए हैं।
सटीक परमाणु बमों की संख्या एक से हजारों में होती है। बहुत सारे सारे लघुशैतान बम स्वतः तैयार हो जाते हैं, जो ओजोन का भव्य सासा कर देते हैं। इसे विरोधियों के युद्धक समूह को नष्ट करने और लोगों को मारने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके साथ ही हवाई पट्टी को नष्ट करने, रासायनिक और रासायनिक संरचना को नष्ट करने, ग्राउंड-पॉलिश परमाणु बमों को नष्ट करने, रासायनिक और जैविक सामग्री को नष्ट करने में भी इसका उपयोग किया जाता है। बम विस्फोट के बाद बम 100 से 1000 मीटर की गहराई तक जा सकते हैं। इससे आपको यह पता चल सकता है कि ये कितने खतरनाक होते हैं। (पी)
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