रूपांशु चौधरी/हजारीबाग. इडली प्रमुख रूप से दक्षिण भारतीय एक व्यंजन है। जिसे आज देश के हर कोने में मसाले और खाइयाँ जा रही हैं। इडली म्यूजिक और स्वाद से भरपूर होने के कारण लोग इसे चाव से खाते हैं। विरोधियों में भी इसे पसंद करने वालों की अच्छी बास्केट मिलती है।हजारीबाग के सदर हॉस्पिटल के मेन गेट के सामने जाने वाले मनोज इडली ठेलें में बेहतरीन इडली बिकती है। जिस वजह से यह ठेला इडली काफी मशहूर है. इस ठेले में लोग दूर-दूर से मज़ेदार स्वाद वाली इडली खाने के लिए आते हैं। यहां पर स्वादिष्ट ताज़ी फ़्लफ़ी गरमा गरम इडली के साथ अलग-अलग रोल से तैयार सांभर और नारियल की रेसिपी बनाई जाती है।
इडली विक्रेता मनोज ने लोकल 18 को बताया कि वह पिछले 22 सालों से यहां इडली बेच रहे हैं। उनकी दुकान पर केवल इडली की बिक्री होती है। मूल्य निर्धारण मूल्य 20 रुपए प्लेट है। ग्राहक को एक प्लेट में चार पीस इडली का मसाला मिलता है।
एक प्लेट की कीमत 20 रुपये
इडली दुकान के दुकानदार मनोज ने बताया कि सबसे पहले चावल और उड़द दाल का पीसकर बैटर बनाया जाता है. फिर से कच्चे माल की मदद से इडली बनाने की तैयारी की जाती है। फिर कस्टमर को सांभर, नारियल की मैन्युफैक्चरिंग और अलग-अलग मैन्युफैक्चरिंग मशीनें मिलती हैं। मनोज ने बताया कि उनके यहां रोजाना 400 से 500 प्लेट इडली की दुकानें होती हैं। वह दोपहर 12 बजे से लेकर शाम 7:00 बजे तक दवा की दुकान पर हैं। वहीं दुकान पर इडली खाने वाले ग्राहक फलक शमीम ने बताया कि इडली का स्वाद बहुत ही लाजवाब है. यहां चार पीस इडली खाने के बाद पेट भर जाता है और इडली फास्ट फूड के सोसायटी स्वास्थ्य के लिए और भी स्वादिष्ट होता है।
.
पहले प्रकाशित : 23 नवंबर, 2023, 10:03 IST
