धीरज कुमार/मधेपुरा : 30 साल पहले एक युवा कामगार के तौर पर पटना से मधेपुरा आया था। यहां होटल में काम किया, भूखा खाना और खोल ली अपनी लिट्टी की दुकान। पटना स्टाइल्स की लिट्टी यहां के लोगों को इतनी पसंद आ गई कि सुबह से लेकर शाम तक खाने वालों की भीड़ लगी रहती है। कमाई भी ऐसी की, कभी किराए के घर में रहते थे, आज बच्चों की पढ़ाई के साथ-साथ जमीन खरीदकर अपना घर भी बना लिया। जी हाँ, हम बात कर रहे हैं पटना वाले रामेश साह की।
थाना चौक पर लिट्टी की दुकान है
पटना वाले रमेश साह की लिट्टी की दुकान मधेपुरा शहर के थाना चौक पर है। रमेश नौकर हैं कि वह आज से 30 साल पहले पटना से मधेपुरा में काम करने आये थे। कुछ दिन मधेपुरा के सैटलिक में काम किया, फिर लिट्टी की डिजाइन देख शहर के थाना चौक पर लिट्टी की अपनी दुकान खोल ली।
हर रोज आसानी से 300-400 पैसे लिट्टी की सेलिंग हो जाती है, जो कि वे 10 रुपये पीस की दर से बिक जाते हैं। लिट्टी के साथ छोला और धनिया-टमाटर की चटनी भी देते हैं. लोगों को उनकी लिट्टी काफी पसंद आती है. जो भी इस चौक पर आता है, उनमें से एक हाथ की बनी लिट्टी-छोला जरूर खाता है।
लिट्टी की कमाई से खरीदी जमीन-जायदाद
रमेश कहते हैं कि हम जो कुछ भी पीते हैं, सब के सब लिट्टी बेचकरे जाते हैं। इसी की कमाई से बच्चों की पढ़ाई से लेकर मधेपुरा में जमीन खरीदकर अपना घर भी बनाया है। वह लिट्टी के व्यापार से काफी खुश हैं। उनकी लिट्टी दुकान पर इतनी भीड़ होती है कि कभी-कभी लोग लिट्टी दे भी नहीं खाते। प्रतिदिन 300-400 लिट्टी आसानी से बिक जाती है। इसके अलावा वे समोसा और लोध भी बेचते हैं। हालाँकि लिट्टी की डिजाईन सबसे ज्यादा होती है.
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पहले प्रकाशित : 26 नवंबर, 2023, 20:11 IST
