कृष्ण कुमार गौड़/जोधपुर. खान-पान के दावे जोधपुर से अपने विदेशियों तक को पहचानने का यही परिणाम है कि विदेशी आक्रमण हो या फिर बड़ी फिल्मी हस्तियां जब भी जोधपुर में होती हैं तो यहां के लजीज खाने से खुद को दूर नहीं रख पाते। इसी में सबसे महत्वपूर्ण कहानी है जोधपुर की ऐतिहासिक दुकान दूध भंडार जो पिछले चार पीढियों से लेकर 70 साल से कढाई के दूध का काम कर रहे हैं और देशी विदेशी फिल्मों के अलावा कई बड़ी फिल्मी हस्तियां और बड़े नेता भी इस दूध को पीने के लिए तैयार हैं है.
इस दूध भंडार को संचालित करने वाले राजेश का कहना है कि हमारे दादा जी ने दूध की जिस रेसेपी से शुरुआत की थी उसी दिन आज भी रिलीज हुई है उसी का नतीजा है कि यहां देश विदेश से यात्रा पर आएं तो साथ ही आएं फिल्म अभिनेता आशुतोष राणा को तो दूध से इतना अच्छा लगा कि वह दोबारा जब जोधपुर आये तो यहां आना नहीं भूले थे।
फिल्मी हस्तियां उठाती हैं दूध का आनंद
इस दूध भंडार की बात करें तो फिल्मों में स्नातक फिल्म अभिनेता आशुतोष राणा और हाल ही में जोधपुर के तारक मेहता का चश्मा के नाम से मशहूर रहे शेलेश लोढ़ा और निर्माता जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के साथ यहां जुड़े थे और दूध फिणी का आनंद जारी नजर आ. ठंड का मौसम शुरू होने के साथ ही गर्मागर्म पेस्ट्री वाले दूध की मांग भी काफी हद तक बढ़ गई है। यहां लोग रोजाना 300 से 400 किलो दूध पीते हैं. ऐसे में यहां यह समझाया जा सकता है कि दूध स्वास्थ्य के दावे से तो काफी अच्छा है ही मगर टेस्ट के दावे से भी लोगों को दूध बहुत पसंद आ रहा है। सुबह हो या फिर शाम या फिर रात के समय तक बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ उमड़ती रहती है।
सार्डियों में होते हैं कई फायदे
जोधपुर के जालोरी गेट से होते हुए आप जब भी सोजती गेट की तरफ आएंगे तो यहां पर ही सोजती गेट पर मुख्य विज्ञापन पर दूध भंडार का नाम की यह दुकान दिखेगी। इस दुकान के समय की बात करें तो सुबह 5 बजे से लेकर रात 3 बजे तक इस दुकान पर प्रवेश के समय आप दूध की दुकान उठा सकते हैं। यहां छोटा ग्लास 35 से लेकर 140 प्रति तक दूध फीनी के साथ आप आनंद ले सकते हैं। आपको बताया गया है कि केसर वाला दूध पीने के फायदे तो अनेक हैं। लेकिन केसर की तासीर गर्म होती है जिसका उपयोग समुद्र तट पर सबसे ज्यादा किया जाता है। साथ में ही कहा जाता है कि इसका सेवन स्वास्थ्य से जुड़े कई पहलुओं में आरामदेह होता है और इसे कई तरह से उपयोगी भी माना जाता है।
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पहले प्रकाशित : 27 नवंबर, 2023, 12:53 IST
