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फूलगोभी: विदेशी है लेकिन भारतीयों को भाती बहुत है, लीवर को डिटॉक्सीफाई करता है, वजन कम करता है


फूलगोभी के स्वास्थ्य लाभ: फूलगोभी के तीन प्रकार हैं- फूलगोभी, पत्तागोभी और पेटगोभी। एक ही परिवार के बाकी सभी गुण अलग-अलग होते हैं। आज हम आपको फूलगोभी (फूलगोभी) के बारे में बता रहे हैं। अगर शरीर को फिट रखना है तो फूलगोभी का सेवन करें। यह शरीर में बनने वाली ऊर्जा को बाहर (डिटॉक्सिफाई) कर देता है। अगर आप चाहते हैं कि शरीर पर मोटापा न चढ़े तो फूलगोभी का सेवन इस काम को लगातार करना चाहता है। इसमें पाए जाने वाले विशेष पोषक तत्त्व फूलगोभी को विशेष टुकड़े दिए गए हैं।

फूलगोभी की सब्जी तो है, लेकिन यह फूल पूरे साल देखने को मिलता है। वैसे ही फूली और चमकीली फूलगोभी में भी देवी दिखाई देंगी और उनका स्वाद भी लाजवाब होगा। पूरी दुनिया के अलावा भारत की रसोई में ये बेहद देखने लायक है, ये विदेशी सब्जी है और भारत में इसका आगमन नर्सरी के शासन के दौरान माना जाता है। लेकिन अपने पैक के साथ यह देश की सबसे लोकप्रिय नोटबुक में से एक है। विशेष रूप से यह है कि शाकाहारी लोग तो इसके दीवाने हैं, अपनी खास बात का स्वाद मांसाहारी लोगों को भी यह भाती है।

फूलगोभी के गुणों के बारे में हम आपको ठोस जानकारी देते हैं

1. फूलगोभी में पोषक तत्व की भरमार है. ‘वेजिटेबल्स’ पुस्तक के लेखक एवं भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. बिश्वजीत चौधरी ने इस सब्जी पर व्यापक शोध किया है। उनका कहना है कि इस सब्जी में कैलोरी के अलावा कार्बोहाइड्रेट कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, विटामिन सी, मैग्नीशियम, पोटैशियम की मात्रा कम होती है लेकिन फैट बहुत कम होता है। येशी तत्व शरीर में पाए जाते हैं। खाद्य पदार्थ कहते हैं कि कोयले को पकाते वक्त इसमें अदरक-लहसुन भी डाला जाए तो इसका स्वाद तो अच्छा ही होगा, पोषक तत्व में भी टुकड़ा हो जाएगा।

2. एक रिसर्च के अनुसार फूलगोभी में मौजूद वायरलेस ब्लडप्रेशर को कंट्रोल करने में भी मदद मिलती है, जिससे हार्ट की सुविधा सामान्य बनी रहती है। पाया जाने वाला क्रुसिफेरस धमनियों में ब्लड का इनोवेशन इंस्टालेशन है। फुलगोभी का सेवन बॉडी को वेजाइनामुक्त करने के भी काम आता है। जैनी मनी डायटिशियन अनिता लांबा के अनुसार इस ग्लूकोज़ में ग्लूकोज़ मेटाबोलाइट्स (एक प्रकार के छोटे अणु) होते हैं, जिनमें ग्लूकोसाइनो कण भी कहा जाता है। यह ग्लूकोसाइनो फ़्लोरिडा, लिवर से बाहर निकलने वाले एंजाइमों को पेश किया जाता है। लिवर ही भोजन के पोषण पोषक तत्वों का ध्यान रखता है, अगर वह ठीक काम करेगा तो शरीर में संतुलन पैदा नहीं होगा हो सकता है सोडा और निर्मल और एसिड युक्त।

3. फूलगोभी में कई गुण वजन में अनुपातिक उपकरण हैं. इसमें कैलोरी कम और मोटे की मात्रा समता पाई जाती है। इसका फायदा यह है कि पाचन तंत्र ठीक रहेगा और पेट भरा-भरा रहेगा, जिससे भोजन की अधिक जरूरत नहीं पड़ेगी। इसका लाभ यह है कि मोटापा शरीर से दूर रहेगा। अनाज और फलों की तुलना में कार्बोहाइड्रेट भी कम होता है, जो शरीर के लिए फिट होता है। सब्जी का एक फायदा यह भी है कि कब्ज की समस्या नहीं होती, सब्जी की कार्यक्षमता में बाधा नहीं आती और सूजन से राहत मिलती है। अगर पेट का सिस्टम ठीक है तो शरीर स्वस्थ बना रहता है।

4. फूलगोभी में विटामिन-के भी पाया जाता है, जो खंडों को स्थान देने में मदद करता है। इस सब्जी में कुछ ऐसे बायो एक्टिव कंपनी पाए जाते हैं, जो हड्डियों के घनत्व (बोन डेनसिटी) में सुधार करके फ्रैक्चर के खतरे को कम कर सकते हैं। बकरी को एंटीऑक्सीडेंट का अच्छा स्रोत माना जाता है। यह तत्व शरीर को फ्री रेडिकल्स के नुकसान से बचाता है। मुक्त रेडिकल्स शरीर में मुख्य रूप से भोजन के पाचन के दौरान उत्पन्न होते हैं। ये विनाश विनाशक होते हैं, जो शरीर के छिद्रों (कोशिकाओं) को क्षतिग्रस्त कर देते हैं। इन मुक्त सामग्रियां को कंट्रोल करने का काम एंटीऑक्सीडेंट करते हैं। जाने माने आयुर्वेद बालाचार्यकृष्ण के अनुसार फूलगोभी मधुर, उष्ण, गुरु, कफवात कम करने वाले स्वाद से भरपूर है।

फूलगोभी का इतिहास और यात्रा

यह एक विदेशी सब्जी और भारत में आगमन ब्रिटिश राज में माना जाता है। भारतीय अमेरिकी वनस्पति विज्ञान समुद्र नैथानी के अनुसार, गोआ का जेनेसिस स्थल मेडिटेरियन सेंटर है, जिसमें अल्जीरिया, क्रोएशिया, साइप्रस, मिस्र, इजराइल, इटली, लेबनान, मोरक्को, तुर्की आदि शामिल हैं। उनका यह भी कहना है कि चीन और दक्षिण पूर्व एशिया का मूल उत्पत्ति केंद्र है। भारत में फूलगोभी बस 200 साल पहले ही आई है। अंग्रेजी काल में वर्ष 1822 में लंदन के क्यू गार्डन के वनस्पतिशास्त्री डॉ. जेमिसन भारत आ. उन्हें यूपी स्थित किसानों के विशाल बगीचों की देखभाल की जिम्मेदारी मिली। वह अपने साथ कई बीज आदि लेकर आये थे। जब समुद्र में उन्हें भारत का मौसम इंग्लैंड जैसा लगा तो उन्होंने बो दी। बस भारत की हो गई.

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