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होने वाली है शादी तो लड़का-लड़की जरूर करा लें ये 6 मेडिकल टेस्ट, स्वस्थ और मस्त होगी जिंदगी, बच्चा भी होगा


उत्तर

शादी से पहले जेनेटिक टेस्ट जरूर कराएं, ताकि आपका बच्चा भी स्वस्थ जन्म ले।
लड़का-लड़की दोनों का ही फर्टिलिटी टेस्ट जरूर कराना चाहिए।

शादी से पहले मेडिकल टेस्ट: थ्रीज का सीज़न स्टार हो गया है। घर में शादी वाली है, वहां इन दिनों हलचल-पहल, शादी की अलग-अलग जोर-शोर से हो रही है। अक्सर शादी के पहले लोग लड़का-लड़की की कुंडली मिलाते हैं, ताकि शादी में कोई दिक्कत ना आए। प्यार सदा बना रहे, ईमानदार और खुशियों से भरे जीवन के दर्शन। लेकिन लोग एक सबसे महत्वपूर्ण बात हमेशा के लिए भूल जाते हैं और वह डोभा-डुल्हन का मेडिकल टेस्ट करवाने वाले हैं। अब आप सोच रहे होंगे कि फाइनल मेडिकल टेस्ट क्यों जरूरी है? जब लड़का-लड़की बिल्कुल स्वस्थ हैं, कोई बीमारी नहीं है तो फिर मेडिकल टेस्ट क्यों कराएं? बेशक, आपका लड़का या लड़की बाहर से मिसाइल और फिल्म देखते हैं, लेकिन कई बार कुछ जेनेटिक डिजीज, जन्म से संबंधित प्रभाव भी होते हैं, जिन्हें आप बाहर से देख कर पता नहीं लगा सकते हैं। ऐसे में एक विमान और ब्यूटीफुल मैरिड लीफ पर कब्जा करना चाहते हैं तो कुछ जरूरी मेडिकल टेस्ट कराना ही समझदारी होगी, ताकि भविष्य में न तो आप अपने बच्चे को किसी शारीरिक और मानसिक समस्या का शिकार बना सकें।

कुंडली मिलाने के साथ मेडिकल टेस्ट को भी तोड़ें
शादी के पहले अक्सर भारत में ज्यादातर लोगों का मिलान, घर-परिवार, नौकरी, धन-दौलत को ज्यादा महत्व दिया जाता है, लेकिन मेडिकल टेस्ट को भी अंतिम रूप देना सही नहीं है। आप जब तक हैप्पी मैरिड लाइफ जी सकते हैं, एक पौराणिक बच्चे को जन्म दे सकते हैं, जब तक आप खुद स्वस्थ नहीं होंगे।

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शादी से पहले मेडिकल टेस्ट कराना क्यों जरूरी है?
फोर्टिस हॉस्पिटल, (मुलुंड, मुंबई) में कंसल्टेन डार्ट फिजिशियन डॉ. मनीष इटोलिकर कहते हैं कि भविष्य में शादी की इच्छी बनाए रखने वाले हर युवा-युवती की शादी से पहले एक चित्रण सत्र में जाना चाहिए। इस सत्र के माध्यम से स्नातक विवाह के बाद स्वास्थ्य को होने वाली कोटा के प्रति सार्वभौम की इच्छा। शादी से पहले किसी भी तरह का आदर्श सत्र का मुख्‍ययोग्‍यता लक्ष्‍य होना होता है, जो कि कपल को उनकी सेहत का मूल्‍यांकन करना है। इसके लिए संक्रामक एजेंटों की पहचान की जाती है और भर्ती एवं व्यवसायियों का जोखिम भी कम किया जाता है। प्राइमारिटल चित्रण के लिए जाने से पहले किसी भी स्वास्थ्य देखभाल सुविधा में गोपाल का अध्यापनकर्ता शारीरिक परीक्षण और चिकित्सा जांच करना जारी रखता है। इन जांचों के उद्देशयोग्यता निमन्लिखित होते हैं:

  • यह दुल्हन और दूल्हे के प्यार की स्थिति को दर्शाता है।
  • टॉवल बी इंफेक्शन, वडोदरा सी और अन्य यौन संवहित फ़्लोरेंस
  • अनुवांशिक ऑटोमोबाइल के वाहकों की पहचान करना।
  • जब कपल की ये सभी जांचें होती हैं, तब वे समझ सकते हैं कि किसी गंभीर बीमारी वाले बच्चे के जन्म का खतरा तो थैलेसीमिया, हीमोफिलिया, सिकल सेल डिजीज जैसा नहीं है।

प्राइमारिटल चित्रण के दौरान जाने वाले कुछ मानक परीक्षण इस प्रकार हैं:

सामान्यता जांच (सामान्य परीक्षण): डॉ. मनीष इटोलिकर कहते हैं सामान्य जांच में फिजिकल टेस्ट, कॉम्प्लिट बोटल्ड काउंट (सीबीसी), कॉम्प्लिट यूरिन एना बस्बी और पेरिफेरल बोटल्ड स्ट्रेंथमी इयर्स शामिल हैं। इससे संबंधित सामान और असामान मित्र की जांच होती है। बोटल्ड ग्रुप टेस्टिंग (एबीओ-आरएच) महिलाओं में एआरएच-निग्वेरेटिव का पता लगाना और एसोसिएशन के जोखिमों पर परामर्श देना जरूरी है।

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संक्रामक रोग परीक्षण (संक्रामक रोग परीक्षण) : यह जांच बिभी सर्जरी के लिए कैप्सूल का परीक्षण करती है, जैसे कि कब्ज, किडनी बी और सी और एसटीडी, दवा यदि आपका इलाज नहीं है, तो गंभीर परिणाम हो सकते हैं जैसे कि कब्ज, भ्रूण वे मानकेज़, एकटॉपिक लेवल, कैंसर और मृत्यु।

अनुवांशिक परीक्षण (आनुवंशिक परीक्षण) : पारिवारिक इतिहास और वंशावली (वंशावली) के आधार पर निराकरण के लिए विभीषण जाँचें होती हैं। ये चेकअप अरेंजमेंट या समबंधों का परीक्षण खून या साझा वंशावली (साझा वंश) के द्वारा किया जाता है, ऐसे अरेंजमेंट से होने वाले वाले से संबंधित बीमारी (पैतृक बीमारी) के मिलने की संभावना जताई जाती है। समबंध क्लोज़-अप, जोखिम-संबंधी डैमेज ही अधिक होगा। अनुवांशिक मूर्तियों के लिए रक्त या शरीर के उत्तकों के छोटे-छोटे नमूनों का विश्लेषण किया जाता है।

ये टेस्ट भी जरूर करा लें
आपकी जनन क्षमता (प्रजनन क्षमता परीक्षण), प्रजनन क्षमता परीक्षण और मानसिक रोग की जांच भी सुनिश्चित करें। अगर आप शादी करने की योजना बना रहे हैं तो हर कपल को प्रीमैरिटल मर्करीनिंग करवानी चाहिए, इस तरह से कई डीज़ल और डॉयलट को एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में जाने से रोकने में मदद मिल सकती है।

टैग: युगल, स्वास्थ्य, जीवन शैली, संबंध



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