रूपांशु चौधरी/बाद में.नवाब के नवाबगंज स्थित हजरत दाता मदारा शाह (तकिया मजार) के वार्षिक उर्स का आयोजन 28 से 30 नवंबर तक होने वाला है। उर्स के 366वें संस्करण में हर साल के साथी दूर-दूर से मिठाई, साज सज्जा, कपड़े यादि के स्टॉल पर आने वाले हैं। इसी तरह के मॉडल में हलवा पराठा खरीदना आया है। जो मेले के आकर्षण का केंद्र बन गया है।
मोहम्मद सोहिल आलम ने कहा कि हम लोग पिछली चार पीढ़ी से इस मेले में आटा चुराने के लिए आ रहे हैं। इस बार स्टॉल में हलवा पराठा, मुरब्बा, मंसूरी, गज़क, सोन हलवा, टिक्की, सोनपापड़ी, गज़क का हलवा अगर मिठाई इस लोकप्रिय में आकर्षक के लिए ले कर आती है। हलवा पराठा दिल्ली में काफी लोकप्रिय है और यहां के लोग इसे बेहद चाव से खाना पसंद करते हैं. इसमें हलवा सूजी और पराठा मैदा बनाया जाता है. ठंड के दिनों में मुझे काफी पसंद किया जाता है। जिस कारण यह केवल ठंड के मौसम में ही देखने को मिलता है। एक पराठा का वजन 1.5 किलो होता है. जिसका कारण यह है कि इसे लागू करने में तोड़-फोड़ की जाती है। अभी पराठा हलवा 160 रुपये किलो और 40 रुपये का 250 ग्राम है.
ये है रेसेपी
मोहम्मद सोहिल आलम आगे कहते हैं कि इसे बनाने के लिए पहली मेड को तेल और पानी की मदद से गूँथा जाता है। फिर इसे एक घंटे तक लगभग 1 किलो से लेकर 1.5 किलो तक फिर से इसमें बाँट लग जाता है। फिर इसे हाथों की मदद से फैलाया जाता है। पराठा लाभ 2 फीट के रेडियस का होता है। फिर इसे गर्म तेल में मिला लें. वहीं सूजी बनाने के तेल और घी के मिश्रण को गर्म करके फिर इसमें सूजी बनाई जाती है. सूजी कच्चे माल से बने व्यंजनों में चीनी और जैविक रंग की पेशकश की जाती है।
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पहले प्रकाशित : 29 नवंबर, 2023, 24:01 IST
