अंजलि शर्मा/कन्नौजःफ़्रॉम का सीज़न आयें ही कैन की यह प्रमुख व्यंजन चर्चा में है। कनीना में सबसे ज्यादा आलू की खेती होती है। ठंड के मौसम में यही आलू लोग भूनकर खाना पसंद करते हैं. ऐसे में करीब 7 साल पुराने एक युवा भुने आलू ठेले पर लग रहा है। लोग बहुत दूर-दूर से अपने भुने आलू खाने आते हैं। आलू का ऐसा स्वाद जो आपको कहीं नहीं मिलेगा. आलू में जो चटनी और एक अलग तरह का नमक लोगों को काफी पसंद आता है.
कोलोन रेलवे स्टेशन से करीब 500 मीटर की दूरी पर सरायमीरा क्षेत्र के तहसील परिसर के पास में सुमित आलू का ठेला तेल है। आते हैं. बहुत दूर-दूर से लोग यहां पर आलू खाने आते हैं.
कौन सा प्लांट का आलू होता है इस्तेमाल
वैसे तो कई आर्किटेक्चर के आलू भुने हुए लोग खाना पसंद करते हैं। लेकिन सबसे ज्यादा चिप्स सोलो आलू ही लोगों को पसंद आते हैं। बड़ी सी प्लेट में यह आलू चिप्स के चिप्स पर भूना जाता है। इसमें अंदर ही अंदर गर्माहट हो जाती है। पूरे छिल्के के साथ यह आलू स्टैमिनास्टिक तेज़ आँच पर तपाये जाते हैं। जिसके बाद यह भुनकर तैयार हो जाते हैं।
क्या रखती है कीमत
भुने हुए आलू की कीमत की बात है तो ये ₹100 किलो में बिकता है.वहीं फुटकर में 10 से ₹50 में 3 से 4 पीस आलू ये सबसे महंगे हैं. भुने हुए आलू के साथ जो डेटिंग है. इसमें हरा धनिया, हरी मिर्च, हरा पुदीना, लहसुन, अदरक, हींग, इसके अलावा जीरा, काला नमक के ढांचे को तैयार किया जाता है। इसमें काला नमक, जीरा, हींग, काली मिर्च के मसाले शामिल हैं।
क्या बोले ग्राहक
आलू के ठेले पर आने वाले ग्राहक ने बताया कि ये आलू कितने काम कर रहे हैं. सुमित के भुने आलू बहुत ही स्वादिष्ट रहते हैं.बहुत दूर-दूर से लोग यहां पर चिप्स वाले भुने आलू खाने आते हैं.
क्या बोले भुने आलू विक्रेता
आलू विक्रेताओं की रिपोर्ट है कि वह 7 साल से भुने हुए आलू का ठेला लगाने का काम कर रहे हैं। उनके यहां बहुत दूर-दूर से लोग आलू खाने आते हैं, कोई कानपुर से आता है तो कोई लखनऊ से ताल और बस अड्डे के पास अपनी दुकान रखता है, हर जगह उनकी दुकान पर भीड़ लगी रहती है। तरीके के भुने हुए आलू खाना सबसे ज्यादा पसंद करते हैं.वही हरी धनिया, पुदीना, लहसुन, काली मिर्च हींग से मिली हुई चटनी भी लोगों को खूब पसंद आती है.ये आलू की कीमत ₹100 प्रति लीटर रहती है.
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पहले प्रकाशित : 29 नवंबर, 2023, 13:40 IST
