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समोसे और कचौड़ी का स्वाद है इस गांव में, बड़े-बड़े शहर के लोग आते हैं खाने के लिए


वर्ष 2019 पाठक/अलवर. उत्तर प्रदेश के जिलों में पर्यटन एवं पर्यटन स्थल मुख्य रूप से लोगों को अपना दीवाना बनाते रहे हैं। एक और जहां के पर्यटन स्थल विदेश तक प्रसिद्ध हो रहे हैं। तो दूसरी ओर काफी पसंद किए जाने वाले छोटे से गांव के बनने वाले कुछ स्वादिष्ट व्यंजन भी लोगों को पसंद आ रहे हैं। उत्तर प्रदेश शहर से मैसाचुसेट्स 45 किमी की दूरी पर स्थित माचाड़ी गांव के चौक पर मिलने वाले समोसे और कचौरी के लोग इस कदर दीवाने हैं कि यहां से उपयोगकर्ता वाला हर व्यक्ति एक बार यहां रुक कर इस जायका को लेना जरूर पसंद करता है। वैसे तो इस चौक पर समोसे, कचौड़ी, जलेबी और दही पापड़ी का स्वाद चखता है। लेकिन लोगों को यहां का स्वाद सबसे ज्यादा समोसा और कचौड़ी में आता है. इसका कारण यह है कि इसे बनाने का तरीका और इसके ऊपर दही लेबल इसे खाने का स्वाद ही अलग बनाता है। यहां पर लोग सुबह ही शाम को भी समोसे खाना पसंद करते हैं.

माचाड़ी चौक पर दुकान वाले ने बताया कि हमारे यहां यह दुकान 25 साल से ज्यादा समय से बनी हुई है। इस चोक पर लोग सबसे ज्यादा कचौड़ी और समोसे की डिजायन करते हैं। इस गांव की चौक पर मिलने वाली समोसे अलग-अलग तरह से बनाई जाती हैं. यही कारण है कि लोग यहां पर सुबह रुककर शाम को भी समोसे खाना पसंद नहीं करते हैं। समोसे में हमारे द्वारा बनाये गये कुछ अलग-अलग तरह के मिश्रण मिलते हैं, दही के साथ खाने पर इसका स्वाद दोगुना हो जाता है. पिछले कुछ समय से माचाड़ी चौक के समोसे की डिजायन बड़ी-बड़ी शहरों तक है। जयपुर और दिल्ली सहित बड़े शहरों के लोग भी इस चौक में समोसे खा रहे हैं। चॉकलेट ने बताया कि हमारे समोसे की कीमत 15 पियेते है। बारिश और बारिश के सीज़न में सबसे ज़्यादा चीज़ें होती हैं और सुबह से ही लोग डुकान पर ज्ञान समोसे खाते हैं।

जैसा नाम वैसा स्वाद
चॉकलेट सॉस ने बताया कि अलवर शहर में सबसे प्रसिद्ध नारियल की कचौड़ी है। लेकिन उत्तराखंड जिले के गांव में देखा जाए तो कढ़ी के साथ लोग समोसा खाना भी पसंद करते हैं. माचाड़ी चौक पर आलू समोसा और कचौड़ी समोसा, कचौड़ी भी लोगों को पसंद आती है. माचाड़ी चौक पर समोसे का आनंद ले रहे हैं विष्णु ने बताया कि माचाड़ी चौक का नाम काफी सुना है, इसी वजह से यहां पर चर्चा के लिए रिकॉर्ड हैं। यहां जैसा सुना है वैसा ही समोसा, इस तरह का स्वाद हमें मिलता है. इतनी कम कीमत पर इतना अच्छा स्वाद मिले तो नाम बनता है। यहां लोग गांव के बारे में राय बनाते हैं जिसका स्वाद नहीं बल्कि इस चौक के समोसे खाने के बाद लोगों का स्वाद जरूर बदल जाएगा।

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पहले प्रकाशित : 29 नवंबर, 2023, 16:30 IST



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