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कब है परमाणु ऊर्जा? व्रत रखने से खुशियों की होगी बहार, ज्योतिष से जानें नियम


अनूप/कोरबाः भगवान नारायण का प्रिय मंथ मार्ग शीर्ष को माना गया है। इस माह में कई सारे ऐसे व्रत हैं, जिनमें विकी पूजा की जाती है। इन व्रतों में से एक उत्पन्न होती है। इस दिन भगवान नारायण की पूजा करने से लौकिक और पारलौकिक दोनों ही सुख व्यक्ति मिलते हैं। माघ मास की कृष्ण पक्ष की एकादशी को पढ़ने वाला यह व्रत व्यक्ति के जीवन में सुख समृद्धि लेकर आता है। क्या है इस व्रत के पीछे की कहानी और किस दिन पड़ रहा है, इस व्रत को लेकर हमने ज्योतिषाचार्य पंडित जवाहरलाल नेहरू मंदिर से बातचीत की।

ज्योतिषाचार्य ने बताया है कि माघ माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी का पाठ करने से उत्पन्न होने वाली एकादशी कहा जाता है। इस दिन से ही हुई थी ब्रह्माण्ड की शुरुआत

वहीं ज्योतिषाचार्य ने बताया कि धर्मशास्त्र के अनुसार मार्गशीर्ष माह के कृष्ण पक्ष की ब्रह्माण्ड से माता की उत्पत्ति हुई थी। देवी देवता की उत्पत्ति भगवान नारायण के अंश से हुई थी,मुर ने दैत्य का वध किया था।

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इस तिथि को पड़ रहा व्रत
ज्योतिषाचार्य ने बताया है कि मार्गशीर्ष माहा की ब्रह्माण्ड की तिथि 8 दिसंबर को प्रातः 5:06 बजे प्रारंभ हो रही है, और समापन 9 दिसंबर को प्रातः 6:31 बजे होगी।

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