उत्तर
डॉक्टर्स की सलाह तो इस दौरान महिलाओं को जंक फूड बिल्कुल नहीं खाना चाहिए।
कुल 4 महीने बाद महिलाओं को योगासन और वॉक जरूर करना चाहिए।
गर्भावस्था में परहेज करने योग्य खाद्य पदार्थ: भर्ती के दौरान महिलाओं को स्वस्थ्य रखने के लिए विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। एक ऐसी स्थिति होती है, जिसमें महिलाओं के शरीर में कई तरह के बदलाव होते हैं और उनमें कई तरह के संक्रमण का खतरा होता है। बेल्ट के दौरान सही इंजेक्शन लेना बेहद जरूरी है और जंक फूड से दूरी बनाना जरूरी है। गर्भवती महिलाओं को अलग-अलग समय पर अपने खान-पान में कुछ बदलाव करने की सलाह दी जाती है। गर्भ में पल रहे बच्चे को सही पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है, ताकि उसका विकास सामान्य तरीके से हो। यदि बंधक के दौरान गर्भवती महिलाओं को सही अंतर्वस्तु नहीं दी जाएगी, तो उसका असर गर्भ में पल रहा बच्चे की प्रगति पर होगा। इसी से जुड़ी कुछ जरूरी बातें डॉक्टर्स से जान लें।
इस बारे में दिल्ली के बारे में फोर्टिस ला फेम हॉस्पिटल के ऑब्सटेट्रिक्स एंड गाइनेकोलॉजी डिपार्टमेंट के सीनियर कंसल्टेंट डॉ. सुप्रिया कहा जाता है कि गर्भवती महिलाओं को अपने खानपान का खास ध्यान रखना चाहिए। पहले तीन महीने में पपीता, अनानास और एवाकाडो जैसे दांतों का सेवन नहीं करना चाहिए। ऐसा करने से उनकी सेहत और गर्भ में पल रहे बच्चे को नुकसान हो सकता है। समूहन के तीन महीने बाद महिलाओं को रासायनिक आहार लेना चाहिए, जिससे उन्हें अधिक मात्रा में प्रोटीन, कैल्शियम, आयरन, विटामिन और पदार्थ मिलें। महिलाओं को दूध, दही, पनीर, पनीर, हरी सब्जी, दालें, सोया, टोफू अधिक मात्रा में लेना चाहिए। इसके अलावा महिलाओं को नॉनवेज खाने के अलावा अंडा, मछली, चिकन का सप्ताह में दो दिन सेवन करना चाहिए। इससे जुड़ें और उसकी बाद की भी महिलाएं और डॉक्टर स्वस्थ रहें।
गर्भवती महिलाओं की लाइफस्टाइल और सावधानियां लेकर आएं फोर्टिस ला फेम हॉस्पिटल के ऑस्टेट्रिक्स एंड गाइनेकोलॉजी विभाग के हॉस्पिटल डॉ. जूही जैन कहा जाता है कि गर्भवती महिलाओं के लिए प्रकृति का सबसे सुखद रहस्य है और इसे महसूस करना चाहिए। गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष चुनौती के दौरान घर का बना ताजा खाना, पौष्टिक और पौष्टिक, हरी सब्जियों और फलों का सेवन जरूर करें। फास्ट फूड, जंक फूड और बाहरी भोजन से दूर रहें। धीरे-धीरे सक्रिय रहना और अधिक से अधिक चलना। आवेदक के चार महीने बाद महिलाएं योग कर सकती हैं। डॉक्टर की सलाह पर ब्लड, यूरिन टेस्ट और अल्ट्रासाउंड करवाएँ। खून की लगातार जांच करवाते रहें। गर्भवती जरूरी वैक्सीन लगाए गए। फोलिक एसिड की गोली गोली के पहले तीन महीने में लेना जरूरी है। अच्छे हॉस्पिटल में किराने का सामान और डॉक्टर के संपर्क में रहें।
यह भी पढ़ें- मूंगफली का सेवन करना चाहिए या नहीं? ब्लड शुगर बढ़ने का खतरा क्या है, जानें कैसे?
.
टैग: स्वास्थ्य, जीवन शैली, ट्रेंडिंग न्यूज़, महिला
पहले प्रकाशित : 30 नवंबर, 2023, 10:12 IST
