Homeदुनियान्यूज: अमेरिकी सरकार के एक फैसले से अमेरिका में काम करने वाले...

न्यूज: अमेरिकी सरकार के एक फैसले से अमेरिका में काम करने वाले भारतीयों को बड़ा फायदा होगा


अमेरिकी राष्ट्रपति जो आश्रम- इंडिया टीवी हिंदी

छवि स्रोत: फ़ाइल
अमेरिकी राष्ट्रपति जो आश्रम

अमेरिका समाचार: अमेरिका के मास्टर सरका ने एक ऐसा फैसला लिया है, जिससे अमेरिका में काम करने वाले लोगों को काफी फायदा होगा। खासकर भारतीय आईटी प्रोफेशनल्स को काफी फायदा होगा। जानकारी के अनुसार अमेरिका H-1B मास्टर की कुछ क्लास के लिए डोमेस्टिक रिन्यूअल के लिए एक पायलट प्रोग्राम शुरू होने जा रहा है। यह कार्यक्रम दिसंबर से शुरू होगा। अमेरिका का कहना है कि यहां काम करने से सबसे ज्यादा फायदा भारतीय आईटी पेशेवरों को होगा। अमेरिका ने यह फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यात्रा करीब पांच महीने बाद लिया है।

भारतीय प्रधानमंत्री मोदी जब अमेरिका के आधिकारिक दौरे पर थे, तब एच 1 बी वीर की रीन्यू यात्रा की प्रक्रिया को आसान बनाने और तैयारी पर काम हो रहा था। मोदी के दौरे के दौरान ही इस कार्यक्रम की घोषणा की गई थी। वर्जिन सर्विसेज के उप सहायक मंत्री जूली स्टफट ने एजेंसी को बताया कि भारतीयों में अमेरिकियों के लिए वर्जिन की मांग बहुत ज्यादा है और हम 6,8 या 12 महीने के लिए वेटिंग एंटरटेनमेंट नहीं चाहते हैं।

20 हजार नागरिकों का स्वामी रीन्यू

जूली स्टफट ने बताया कि वे चाहते हैं कि भारतीय यात्रियों को जल्दी ही अपार्टमेंट मिल जाए। इसके लिए हम डोमेस्टिक स्वामी रिन्यूअल प्रोग्राम शुरू कर रहे हैं, जिसका सबसे ज्यादा फोकस भारत पर है।

वर्जिन रिन्यूअल का पायलट प्रोग्राम तीन महीने तक जारी। इस दौरान 20 हजार नागरिकों का सरदार रिन्यू हो गया। जूली स्टफट ने बताया कि पहले तीन महीने में 20 हजार नागरिकों के सरदार रिन्यू होंगे और इनमें से ज्यादातर अमेरिका में ही रहेंगे। इसी तरह अमेरिका में भी सबसे बड़ी संख्या भारतीयों की है।

भारतीयों को कितना फायदा होगा?

ईसाई सरकार के इस फैसले को भारतीय-अमेरिकी समुदाय के नेता अजय जैन भूटोरिया ने ‘महत्वपूर्ण’ बताया है। H-1B के नवीनीकरण की प्रक्रिया को आसान बनाने से लगभग 10 लाख लोगों को फायदा होगा और इसमें बड़ी संख्या में भारतीयों की भागीदारी होगी। 2022 में अमेरिकी सरकार ने 4.42 लाख लोगों का H-1B जारी किया था। इनसे 73 प्रतिशत भारतीय थे।

रिन्यू चमत्कारी चमत्कारी कैसे?

वरिअन्त, H-1B वर्जिन गैर-अप्रवासी मास्टर है। ये अमेरिकी इंजीनियर्स को विदेशी इंजीनियर्स को नियुक्त करने की मंजूरी मिलती है। जब भी कोई व्यक्ति अमेरिकी कंपनी में नौकरी करता है तो उसे H-1B मास्टर जारी किया जाता है। अब तक ऐसा हुआ है कि अगर किसी व्यक्ति का H-1B वेरियंट एक्सपायर हो गया है तो वह अपने देश वापस लौटना चाहता है, लेकिन अब वह स्वदेश वापस नहीं आया है। स्टाफ़ट ने बताया कि अब अमेरिका में रह कर अपना वज़ीर मेल कर सकते हैं और फिर इसे रिन्यू कर देंगे।

नवीनतम विश्व समाचार





Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Must Read

spot_img