नई दिल्ली साल 2014 से केंद्र की सत्ता में आने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार से देश की महिलाओं को आर्थिक रूप देने और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए लिंक प्रयास और कई महत्वपूर्ण प्रावधानों की शुरुआत की जा रही है। इसी कड़ी में बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की राष्ट्रपति भवन में हुई कैबिनेट बैठक में मसाबली ने एक अहम योजना को मंजूरी दी, जिसके तहत केंद्र सरकार अगले चार वर्षों में 15,000 महिला स्वयं सहायता समूह को मंजूरी देगी।
सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने बताया कि इस योजना का उद्देश्य 2024-25 से 2025-2026 के दौरान किसानों को कृषि उद्देश्य के लिए 15,000 सरकारी महिला एसएचजी को किराए पर देना शुरू करना है। योजना के तहत सबसे पहले 15,000 एसएचजी को स्थायी व्यवसाय और बिक्री सहायता प्रदान करने की योजना बनाई गई। इससे महिलाएं प्रति वर्ष कम से कम 1,00,000 रुपये की अतिरिक्त आय अर्जित कर सकती हैं।
बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसी साल 15 अगस्त को अपने भाषण में एसएचजी को बंद करने की घोषणा की थी। इस दिवास्वप्न योजना पर अगले चार वर्षों में करीब 1,261 करोड़ रुपये खर्च होंगे। केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि मोदी की लखपति योजना का पहला भाग बेहद महत्वपूर्ण है।

इस योजना में सूर्योदय के माध्यम से सूर्यास्त के राजाओं और बाजारों में सुधार किया जाएगा। इसके लिए करीब 15 दिन की ट्रेनिंग दी जाएगी। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि पायलट पायलट को 15,000 रुपये और सह-पायलट को करीब 10,000 रुपये का अनुमान लगाया गया था।
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पहले प्रकाशित : 30 नवंबर, 2023, 07:07 IST
