अलौकिक प्रताप सिंह/कानपुर: वास्तविक की शुरुआत के साथ कानपुर में ब्रेन स्ट्रोक के छात्रों में नमूना देखना मिल रहा है। रोज सर दर्द और चक्कर आने की समस्या से जूझ रहे किसान कानपुर के अस्पताल पहुंच रहे हैं। डॉक्टर का कहना है कि रोजाना 20 से 25 मरीज पहुंच रहे हैं। वहीं सबसे ज्यादा समस्या मोर ब्लड प्रेशर वाले लोगों को हो रही है।
बचपन की शुरुआत के साथ सबसे ज्यादा डिप्रेशन करने वाली फिल्में हैं क्योंकि इस वक्त ब्रेन स्ट्रोक और हार्ट अटैक का खतरा सबसे ज्यादा रहता है। वहीं, कानपुर में ब्रेन के डेडलाइन की शुरुआत के बाद अब ब्रेडके की डेट से पहले ही संबंधित बिजनेस के आने की शुरुआत हो गई है। कानपुर के लाला लाजपत राय जिले में रोजाना करीब 25 मरीज इस समस्या के साथ आ रहे हैं। वहीं यहां के आकाओं का मानना है कि अपने पुराने स्टोर्स की खरीद-फरोख्त को देखते हुए नशे का सेवन करना चाहिए। ओरिएंटल दवा नहीं छोड़ना चाहिए क्योंकि अस्थमा के दौरे में सबसे ज्यादा असर होता है। ऐसे में ब्रेन स्ट्रोक और हार्ट का खतरा बना रहता है।
रोज 5 से 6 मरीज सामने आ रहे हैं
आरोपियों के अनुसार प्रतिदिन आ रहे हैं लगभग 5 से 6 मरीज ब्रेन स्ट्रोक से प्रभावित हैं। इसके पीछे सबसे बड़ी समस्या है अधिक बीपी। लोग बीपी नाम वाले हो जाने पर बीपी की दवा खाना बंद कर देते हैं। जिस कारण से उन्हें जांचने में सबसे बड़ी समस्या होती है। जब उनका बारीकी से आकलन किया गया तो ज्यादातर लोग बीपी के मरीज थे और उन्होंने दवा खाना छोड़ दिया था।
ये है लक्षण
ओरियल में अगर आपको एक तरफ का हाथ पैर झुनझुनाहट या कमजोरी महसूस हो तो डॉक्टर को दिखाना चाहिए। आवाज में लड़खड़ाहट या बदलाव लागे तो भी डॉक्टरी सलाह लेनी चाहिए। सर दर्द हो चक्कर आ जाए, कमजोरी लग जाए, उल्टी हो जाए, जी मिचलाए तो डॉक्टर के पास फोरेन की सलाह लेनी चाहिए।
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पहले प्रकाशित : 30 नवंबर, 2023, 08:06 IST
