सोनिया मिश्रा/कीमी. ऐसे में चॉकलेटियां शुरू हो गईं हैं ऐसे में चॉकलेट मसालों का प्रयोग बहुत जरूरी है, प्लास्टिक शरीर में गर्माहट बनी रह रही हैं। इसके लिए वैश्वीकरणशास्त्री भी अच्छी वस्तु पर जोर देने की बात कहते हैं। ऐसे में शरीर को गर्माहट देने के लिए अक्सर लोग मंडुवे की रोटी घी के साथ खाते हैं, जिसे शरीर को गर्म रखने के साथ कई फायदे मिलते हैं। पूर्वी, मांडुवे की फ़सल उत्तराखंड में पारंपरिक रूप से पैदा होने वाली गर्म तासीर वाली फ़सल है, जो देश में अलग-अलग जंगलों से जानी जाती है। उत्तराखंड के कुमाऊं में मंडुवा, तो गढ़वाल में इसे कोदा आदि कई किले से जाना जाता है। कई राज्यों में इसे रागी कहा जाता है। माउंटेन के सुपरफ़ूड में प्रोटीन, फ़ाइत, खनिज आदि पोषक तत्व प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। जिस कारण से इसे पहाड़ों में अनाज का ‘सरदियों का राजा’ भी कहा जाता है। मंडुवे का मामला आज उत्तराखंड ही नहीं बल्कि देश-विदेश में ही शुरू हो रहा है। वैसे तो मंडुवा शरीर को कई फायदे देता है और खतरे से दूर रहता है लेकिन ठंड के मौसम में महत्व और वृद्धि होती है।
मंडुवे से जुड़े हुए हैं कई जायकेदार व्यंजन
मंडुवे के आटे से सिर्फ रोटी ही नहीं बनती बल्कि हलवा, बिस्किट, केक समेत फास्ट फूड में मोमो, गुलाब जामिन, चाय आदि कई व्यंजन अब तैयार किये जा रहे हैं. इसमें प्रोटीन, कैल्शियम, आयरन, ट्रिप्टोफैन, मिथियोनिन, मोटापा, लेशिथिन, नाइट्रोजन, कैरोटीन, कार्बोहाइड्रेट सहित कई पोषक तत्वों की प्रचुर मात्रा पाई जाती है, जो शरीर के लिए आवश्यक और फायदेमंद है। इसलिए यह भी समुद्र तट के लोगों का फेवरेट अनाज बनता है।
हड्डियों को मजबूत बनाता है
रसायन जिले के गौचर में स्थित अतिरिक्त स्वास्थ्य केंद्र में विटामिन डॉ. रजत कुमार कहते हैं कि मंडुवे का आटा पेट संबंधी समस्या जैसे एसिडिटी, कब्ज, अपच सहित कई समस्याओं को बिना दवा के दूर करने में प्रभावी है, क्योंकि इसमें कैल्शियम की मात्रा 80 प्रतिशत है। पाई जाती है. इसलिए येहद्दियों को मजबूत बनाए रखने में भी मदद मिलती है। वहीं इसका एट आयरन का भी मुख्य स्रोत है। एनिमिया से चैट कर रहे और कम हीमोग्लोबिन वाले लोगों के लिए यह कमाल है। महिलाओं को तो इसका सेवन जरूर करना चाहिए।
विटामिन डी का अच्छा स्रोत मंडुवा
डॉ. रजत कहते हैं कि मंडुवे के भोजन में प्रयोग करने से त्वचा संबंधी समस्या का समाधान होता है और चेहरे पर चमक बनी रहती है। मांडुवे में मौजूद एमिनो एसिड की मदद से त्वचा पर झुर्रियां नहीं पड़तीं, जिस वजह से चेहरे पर झुर्रियां नहीं पड़तीं। इसके अलावा विटामिन डी का भी बहुत अच्छा प्रमाण है। उन्होंने कहा कि इससे निर्मित रागी फेस पैक और फेस मास्क त्वचा से दाग-धब्बे में महत्वपूर्ण सहायक है।
(नोट: यह खबर दी गई जानकारी पर आधारित है। ‘लोकल 18’ इसकी पुष्टि नहीं करता है।)
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पहले प्रकाशित : 1 दिसंबर, 2023, 13:20 IST
