निःसंदेह बड़कुल/दमोह. मौसमी का मौसम खांसी, सर्दी और भी अन्य समस्याओं को लेकर आता है। इन दिनों त्वचा भी रूखी पड़ जाती है। पैर की एक तस्वीर, तस्वीर की समस्या बढ़ती जा रही है। खासकर महिलाओं को यह समस्या सबसे ज्यादा सताती है। यह सबसे बड़ा कारण है इस मौसम में डी-हाइड्रेशन का होना। इसकी वजह से शार्क शार्प से एलिमिनेट जैसा दिखता है।
ए स्ट्रेंथ फैट जाने पर ज्यादातर महिलाएं स्ट्रेचर क्रीम या लोशन खरीदकर लाती हैं। लेकिन आज हम आपको ऐसी देसी टैक्सी दिखाने जा रहे हैं, जिसमें बिना खर्च के आपके पैर खूबसूरत दिखेंगे। एज़र्स की डॉक्यूमेंट्री भी भर जाएगी और त्वचा भी चमकेगी। बस आपको वट वृक्ष के दूध को लाना होगा। यह फैट एडिस के रामबाण औषधि है। इसका उपयोग लगभग 6 से 7 दिनों में फटी एडोरीज़ की दुकान पर बंद हो गया।
चमकदार होगी त्वचा
बरगद के पेड़ से बरामदे वाले अमीरों के लिए 6 से 7 दिन तक प्रतिदिन प्रवेश से ए विश्राम पहले की तरह का उद्देश्य हो। पूर्वी एशिया में आज भी लोग इस वट वृक्ष के दूध का उपयोग कर रूखी त्वचा को चमकदार बनाते हैं। ठंड में हाथ-पैरों से प्रेमियों को पुनः प्राप्त करने के लिए बरगद के पेड़ से आशियाने वाला दूध रामबाण का इलाज है।
पूर्ण वृक्ष ओषधि
बरगद का पेड़ आयुर्वेद में उत्तम औषधि माना जाता है। इसके उपचार में छात्र, दूध, हरे पत्ते आदि का उपयोग किया जाता है। नाक, कान से लेकर स्ट्रिपेट बालों की समस्या, अन्वेषक में बरगद का पेड़ होता है। चेहरे की चमक बढ़ाने से लेकर कई फूलों के उपचार तक यह पेड़ सिद्ध होता है।
कई फूलों का इससे होगा इलाज
आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. दीप्ति नामदेव ने बताया कि इस पेड़ को आयुर्वेद में औषधीय मसाले का पिटारा माना जाता है। इसका उपयोग छात्रों के लिए किया जा सकता है। इसके पूर्वजों के अवशेष पीने से मूत्र रोग की समस्या से राहत मिलती है। मासिक धर्म विकार में बरगद के फल का सेवन करने से सुधार होता है। इसके दूध को फैट एरीज़ में खाने से ख़त्म कर दिया जाता है। इसके अलावा जोड़ों के दर्द और सूजन वाली जगह पर दूध से मालिश करने से भी राहत मिलती है।
अस्वीकरण: इस खबर में दी गई औषधि/औषधि की सलाह हमारे वैज्ञानिकों द्वारा दी गई चर्चा के आधार पर है। यह सामान्य जानकारी है, कोई व्यक्तिगत सलाह नहीं। हर व्यक्ति की आवश्यकताएं अलग-अलग हैं, इसलिए डॉक्टरों से सलाह के बाद ही, किसी भी चीज का उपयोग करें। कृपया ध्यान दें, लोकल-18 की टीम का किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए कोई उत्तरदायित्व नहीं होगा।
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पहले प्रकाशित : 31 दिसंबर, 2023, 15:54 IST
